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कुछ देर में शुरू होगा कोरोना वैक्सीनेशन, पहले वैक्सीन किसे मिलेगी? क्या फ्री मिलेगी? जानिए- हर सवाल का जवाब

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 15, 2021 05:07 pm IST,  Updated : Jan 16, 2021 08:00 am IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान (Covid-19 Vaccination Drive) की शुरुआत करेंगे और इसके मद्देनजर सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में टीकों (Vaccines) की पर्याप्त खुराकें भेज दी गई हैं।

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कुछ देर में शुरू होगा कोरोना वैक्सीनेशन, पहले वैक्सीन किसे मिलेगी? क्या फ्री मिलेगी? जानिए- हर सवाल का जवाब Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान (Covid-19 Vaccination Drive) की शुरुआत करेंगे और इसके मद्देनजर सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में टीकों (Vaccines) की पर्याप्त खुराकें भेज दी गई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, "पीएम मोदी इस अभियान को सुबह 10.30 बजे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शुरू करेंगे। यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा।" ऐसे में आपके मन में टीकाकरण अभियान को लेकर कई तरह के सवाल हो सकते हैं, तो चलिए उनके जवाब आपको देते हैं-

पहले किसे मिलेगी वैक्सीन?

PMO के अनुसार, इस कार्यक्रम से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 3006 स्थान डिजिटल माध्यम से जुडेंगे और हर केंद्र पर 100 लाभार्थियों का टीकाकरण (Vaccination) होगा। बयान में कहा गया कि 'यह टीकाकरण अभियान जन भागीदारी के सिद्धांत के तहत प्राथमिकता के आधार पर चलाया जाएगा, जिसमें पहले चरण (First Phase of Vaccination) के तहत सरकारी और निजी क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों (Health workers) तथा आईसीडीएस कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा।' टीकाकरण अभियान के पहले दिन करीब तीन लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। वहीं, पहले चरण में तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य है। इनमें स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी शामिल हैं।

कैसे मिलेगी और लोगों तक कैसे पहुंचेगी?

बयान के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय के सक्रिय सहयोग से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में टीकों की पर्याप्त खुराकें भेजी गई हैं तथा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने इन्हें सभी जिलों में भेज दिया है। टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से चलाने और टीका वितरण कार्यक्रम की निगरानी के लिए को-विन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) नामक एक डिजिटल मंच भी तैयार किया गया है। सरकार की ओर से कोविड-19 महामारी, टीकाकरण और इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित सवालों के समाधान के लिए 24 घंटे और सातों दिन संचालित होने वाले कॉल सेंटर और हेल्पलाइन 1075 स्थापित की गई है। आप इसपर संपर्क कर सकेत हैं।

क्या वैक्सीन की कमी पड़ेगी?

सरकार द्वारा खरीदे गए कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके की 1.65 करोड़ खुराकें उनके स्वास्थ्यकर्मियों के आंकडों के अनुसार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसलिए किसी भी राज्य से भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। यह आरंभिक स्तर पर दी गई खुराक है। इसलिए कम आपूर्ति किए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताए निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।’’ राज्यों को सलाह दी गई है कि वे 10 फीसदी आरक्षित/बर्बाद खुराकों और रोजाना प्रत्येक सत्र में औसतन 100 टीकाकरण को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें।

क्या बढ़ाएं जाएंगे टीकाकरण स्थल?

राज्यों से यह भी कहा गया है कि प्रत्येक टीका केंद्र पर हड़बड़ी में तय सीमा से ज्यादा संख्या में लोगों को न बुलाएं। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण सत्र स्थलों को बढ़ाने की सलाह दी है और उनके रोजाना संचालन की बात कही है ताकि टीकाकरण प्रक्रिया स्थिर हो सके और आगे सुचारू रूप से बढ़ सके। 

क्या तैयार हैं टीका लगाने वाले अधिकारी?

भारत में टीकाकरण अभियान के लिए 2360 लोगों को राष्ट्रीय स्‍तर के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें राज्‍य टीकाकरण अधिकारी, प्रशीतन श्रृंखला अधिकारी, आईईसी अधिकारी तथा अन्‍य भागीदार शामिल हैं। इसके अलावा 61 हजार से ज्‍यादा कार्यक्रम प्रबंधन, दो लाख टीकाकरण कर्मी तथा तीन लाख 70 हजार अन्‍य कर्मियों को राज्‍य, जिला और खण्‍ड स्‍तर पर प्रशिक्षित किया जा चुका है।

कौन-कौनसी वैक्सीन मौजूद हैं?

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ को देश में सीमित आपात इस्तेमाल के लिये भारत के औषधि नियामक की ओर से पिछले दिनों मंजूरी दी गई थी।

फ्री मिलेगी वैक्सीन?

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अलग-अलग राज्यों के फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थ वर्कर्स की संख्या देखें तो यह करीब 3 करोड़ होती है। यह तय किया गया है कि पहले चरण में इन 3 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने में जो खर्च होगा उसे राज्य सरकारों को नहीं देना, उसे भारत सरकार वहन करेगी।

(इनपुट- भाषा)

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