मुंबई: महाराष्ट्र के परभणी में एटीएस ने आईएस का संदिग्ध बताते हुए जिस युवक को गिरफ्तार किया है, उसके घरवालों ने गिरफ्तारी को एक साजिश बताया है। घरवालों का आरोप है कि समुदाय विशेष के पढ़े-लिखे बच्चों को बदनाम करन के लिए गिरफ्तारियां की जा रही है। हालांकि एटीएस ने कहा है कि गिरफ्तार किए गए शाहेद के पास बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। विस्फोट के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाके में कार बम जैसा धमका करने की साजिश थी।
आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘’खान को आज तड़के गिरफ्तार किया गया तथा उससे करीब एक किलोग्राम विस्फोटक तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए।’ अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया, विस्फोटक कम तीव्रता का प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि यह भी पता लगा कि खान ने आईईडी का संचालन करने के लिए एक कार रिमोट की का उपयोग किया था। एटीएस वैश्विक आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से उसके संदिग्ध संपर्क की भी जांच कर रहा है।
हाल ही में 31 वर्षीय नासिर बिल याफी चौस को परभनी से गिरफ्तार किया गया था। चौस की मंशा इस्लामिक स्टेट से जुड़ने की थी और वह सोशल मीडिया के जरिए उसके सदस्यों से लगातार संपर्क बनाए हुए था।
शुक्रवार को 43 वर्षीय रिजवान खान को केरल पुलिस और महाराष्ट्र एटीएस के संयुक्त अभियान में ठाणे जिले से गिरफ्तार किया गया था। उस पर आईएसआईएस के लिए युवाओं को भर्ती करने का आरोप है।