नई दिल्ली: भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान और उसके आतंकियों की बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। लोकसभा चुनाव में अब महज़ एक हफ्ते का वक्त बचा है तो उससे पहले खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि आतंकी चुनाव प्रचार की आड़ में बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं। कश्मीर में 11 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग है, चुनाव प्रचार ज़ोरों पर है और इसी की आड़ में आतंकी घाटी में दहशत फैलाने की फिराक़ में हैं। इंडिया टीवी को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक़ आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद, लश्कर और हिजबुल समेत कुछ आतंकियों के टारगेट पर कश्मीर के कई अहम इलाक़े हैं जहां वो किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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हाफिज सईद और मसूद अजहर के आतंकियों ने चुनाव के दौरान पुलवामा, सोपोर, गांदरबल, बांदीपोरा, शांगलीपोरा, अवंतीपोरा, पल्लीपोरा, त्राल, केल्लर, शोपियां, शादीमार्ग, श्रीनगर और सबसे अहम कश्मीर के नेशनल हाईवे को टारगेट करने की साजिश रची है। आतंकियों की इस साज़िश के पीछे छिपी है उनकी बौखलाहट। जिस तरह से हिंदुस्तान ने पिछले दिनों पाकिस्तान में घर में घुसकर आतंकियों पर बम बरसाए उससे पाकिस्तान आर्मी से लेकर उसके पाले हुए आतंकी और उसके आका सब बिलबिला गए हैं।
इसी बौखलाहट में आतंकियों ने घाटी में होने वाले लोकसभा चुनाव को अपना निशाना बनाया है और उसकी कोशिश है कि कैसे भी चुनाव प्रचार की आड़ में सूबे के अमन चैन को बिगाड़ा जा सके। इंडिया टीवी को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक़ जैश और अल-बदर के दो आतंकी ग्रुप ने चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की साज़िश रची है। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट से खुलासा हुआ है कि आतंकी नेशनल हाईवे पर पुलवामा या बनिहाल जैसे आईईडी ब्लास्ट या फिदायीन अटैक से बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं।
लश्कर के निशाने पर गांदरबल का संबल और बांदीपोरा का हाजिन इलाका है जहां वो प्रचार के दौरान गड़बड़ी फैलाने की फिराक़ में हैं। साथ ही शांगलीपोरा और श्रीनगर में भी खुफिया एजेंसियों को ऐसी ही आतंकी साज़िश का इनपुट है। घाटी में चुनाव से पहले आतंकियों ने जो बड़ी साज़िश रची है उसका मास्टरमाइंड है पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई। जानकारी के मुताबिक़ आईएसआई ने ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अल-बदर को मिलकर घाटी में ज़्यादा आतंकी हमले करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले दिनों यूनाइटेड जेहाद काउंसिल की मीटिंग में तय हुआ था कि हिजबुल, लश्कर और जैश मिलकर काम करेंगे।
इंडिया टीवी को खुफिया एजेंसियों से जो जानकारी मिली है उसमें एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिससे साफ हो गया कि मोदी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बाद आतंकी कैसे बौखलाहट में आतंक फैलाने के दूसरे रास्ते तलाश रहे हैं। जानकारी के मुताबिक़ जांच एजेंसियों की सख्ती से आतंकियों की फंडिंग पर बड़ी चोट लगी है। इससे आतंकियों को आतंक फैलाने के लिए मिलने वाला फंड ब्लॉक हो चुका है और पैसों की भारी कमी है इसीलिए इनपुट है कि हाफिज के लश्कर के गुर्गे अवंतीपोरा में बस स्टैंड के पास सुरक्षा बलों से हथियार छीन सकते हैं। साथ ही चुनाव से पहले ग्रेनेड अटैक करके भी माहौल बिगाड़ सकते हैं।