श्रीनगर/नई दिल्ली: कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा हथियार छीने जाने की बढ़ती घटनाओं के बीच जम्मू कश्मीर पुलिस ने हथियारों में कंप्यूटर चिप लगाने का फैसला किया है ताकि ऐसे हालात में इनका पता लगाया जा सके। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सेना ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें हथियारों में कंप्यूटर चिप लगाने में मदद की पेशकश की गई है।
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महानिदेशक (कानून व्यवस्था और समन्वय) एस. पी. वैद ने हाल ही में दक्षिण कश्मीर के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की थी जिसमें हथियार छीने जाने की घटनाओं पर चर्चा की गयी। सूत्रों के अनुसार एक जनवरी को जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के रूप में कामकाज संभालने जा रहे वैद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश करने वाले किसी भी शख्स के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों पर गोली चलाई जा सकती है। हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन पिछले कुछ महीने से इस तरह की घटनाओं में लिप्त है। संगठन बड़े स्तर पर स्थानीय युवाओं की भर्ती कर रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक घाटी में 9 जुलाई से शुरू हुई अशांति के दौरान सुरक्षा बलों से करीब 100 हथियार लूट लिए गए थे। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांति शुरू हुई थी। पिछले तीन महीने में इस तरह की 14 घटनाओं में पुलिसकर्मियों से छीने गए हथियारों में एके-47 राइफलें, इन्सास कार्बाइन, सेल्फ-लोडिंग राइफल और 303 राइफल शामिल हैं। सेना ने घाटी में हथियार छीनने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर निराशा प्रकट की है और पुलिस बल से इस तरह की कोशिशों को नाकाम करने के लिए खुद को मजबूत करने को कहा है।