रांची: झारखंड सरकार ने राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी के लिए शराब के खुदरा कारोबार में उतरने की योजना बनाई है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पड़ोसी राज्य बिहार में हालांकि शराबबंदी लागू है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री रघुबर दास जो आबकारी मंत्रालय भी संभाल रहे हैं, ने इस संबंध में विभाग के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है।
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सूत्रों ने बताया कि योजना को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रस्ताव पर पहले भी 7 फरवरी को मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई थी, जिसमें मंत्रियों ने सरकार द्वारा शराब बेचने का विरोध किया था। वास्तव में, उन्होंने राज्य में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
राज्य की भाजपा सरकार को वित्तवर्ष 2016-17 के दौरान जनवरी तक कुल 796 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में प्राप्त हुए हैं, जबकि समूचे वित्तवर्ष के लिए 1,500 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है।