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क्षमता बढ़ाने के लिए 103 सैटेलाइट लॉन्च करेगा ISRO

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 11, 2017 07:25 pm IST,  Updated : Jan 11, 2017 07:26 pm IST

एक बार में ही 103 उपग्रहों के प्रस्तावित प्रक्षेपण में महीने भर से भी कम समय बचे रह जाने के बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कहा कि इसका लक्ष्य हर प्रक्षेपण के बाद इसकी क्षमता बढ़ाना है, ना कि रिकार्ड कायम करना है।

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बेंगलुरू: एक बार में ही 103 उपग्रहों के प्रस्तावित प्रक्षेपण में महीने भर से भी कम समय बचे रह जाने के बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज कहा कि इसका लक्ष्य हर प्रक्षेपण के बाद इसकी क्षमता बढ़ाना है, ना कि रिकार्ड कायम करना है। 

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ISRO अध्यक्ष एएस किरन कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया, 'हम इसे रिकार्ड या किसी अन्य चीज के रूप में नहीं देख रहे हैं। हम हर प्रक्षेपण के बाद महज अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और प्रक्षेपण का उपयोग उस क्षमता के लिए करना चाहते हैं जो इसने पाई है तथा बदले में अधिकतम क्षमता पाना चाहते हैं। ISRO के पीएसएलवी सी 37 के जरिए भेजे जाने वाले 103 उपग्रहों में 100 विदेशी हैं। 

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कुमार ने कर्नाटक आईसीटी सम्मेलन 2017 से इतर एक सवाल के जवाब में बताया, 'दरअसल, वे सब एक समूह हैं, वे उपग्रहों के समूह में शामिल हो रहे हैं जो पृथ्वी की अवलोकन कर रहे हैं। तीन भारतीय उपग्रहों में कार्टोसेट 2 श्रृंखला के हैं।' अंतरिक्ष एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुरूआत में जनवरी के आखिरी हफ्ते में 83 उपग्रह प्रक्षेपित करने की योजना थी जिनमें 80 विदेशी थे। लेकिन 20 और विदेशी उपग्रहों के जुड़ जाने से प्रक्षेपण में एक हफ्ते की देर हुई है और अब यह फरवरी के प्रथम हफ्ते में होगा। 

कुमार ने यह भी बताया कि ISRO जल्दी-जल्दी प्रक्षेपण किए जाने और हर प्रक्षेपण का उपयोग करने या प्रक्षेपण यान की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि अगले प्रक्षेपण के तहत हमारे खुद के कार्टोसेट 2 श्रृंखला के उपग्रहों के साथ विभिन्न कंपनियों के कई उपग्रहों का प्रक्षेपण होने वाला है और इसके फौरन बाद हमारे पास जीएसएलवी मार्क 3 और मार्क 2 है...पहले तीन महीनों में हम यह लक्ष्य कर रहे हैं, लेकिन इसके अलावा हम हर महीने एक प्रक्षेपण के लिए काम करने की कोशिश भी कर रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि इन सबका लक्ष्य क्षमता बढ़ाना है। हालांकि, हमारे पास कई उपग्रह हैं पर जरूरी सेवाओं के लिए हमें कई और की भी जरूरत है। 

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