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पाक को सरकार स्तरीय किसी वार्ता के लिए आतंकवाद से दूर जाने की जरूरत

 Written By: Bhasha
 Published : Mar 10, 2017 08:00 am IST,  Updated : Mar 10, 2017 08:00 am IST

नयी दिल्ली: सिंधु जल समझौता के तहत लाहौर में भारत-पाक वार्ता से पहले भारत अपनी इस मांग पर अडिग रहा कि पाकिस्तान को सरकार स्तर की कोई वार्ता होने से पहले आतंकवाद से दूर जाना

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नयी दिल्ली: सिंधु जल समझौता के तहत लाहौर में भारत-पाक वार्ता से पहले भारत अपनी इस मांग पर अडिग रहा कि पाकिस्तान को सरकार स्तर की कोई वार्ता होने से पहले आतंकवाद से दूर जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि 20-21 मार्च को स्थायी सिंधु आयोग की बैठक में भारत की भागीदारी को वार्ता की बहाली माना जाएगा। पाक आधारित आतंकी संगठन के मुंबई हमला करने संबंधी महमूद अली दुर्रानी की टिप्पणी के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में बागले ने कहा कि भारत यह कहता आया है कि साजिश पूरी तरह से पाक सरजमीं से रची गई। पाकिस्तान को इसे अंजाम देने वालों को खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये आतंकी संगठन और उनसे संबद्ध संगठन चैरिटी की आड़ में पाकिस्तान में संचालित हो रहे हैं जबकि संयुक्त राष्ट्र ने उन पर पाबंदी लगा रखी है।

बागले ने कहा , हम पाक से इन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की आशा करते हैं जैसा कि अंतराष्ट्रीय व्यवस्था में कहा गया है और भारत के खिलाफ इन संगठनों द्वारा सीमा पार से आतंकवाद तथा गतिविधियों को रोका जाना चाहिए। हमारे नेतृत्व ने साफ साफ कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद से दूर जाना होगा। यह पूछे जाने पर कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते के रूख के बाद पिछले साल से क्या बदलाव हुआ है, उन्होंने कहा कि इसमें दो संदेश निहित हैं जिनमें एक पाकिस्तान के लिए है कि वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को जारी नहीं रख सकता।

पिछले साल भारत ने सिंधु जल समझौता के तहत होने वाली वार्ता स्थगित कर दी थी। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि आयोग सिंधु जल समझौता को लागू करने से जुड़े तकनीकी विषयों से निपटता है। यह समझौता इसे हर साल कम से कम एक बार बैठक करने का अधिकार देता है। उन्होंने यह बात भी खारिज कर दी कि दोनों देशों द्वारा हाल में कैदियों को रिहा किया जाना और दोनों देशों की सेनाओं के डीजीएमओ के बीच आज की वार्ता द्विपक्षीय संबंधों में गर्माहट आने का संकेत है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मानवीय मुद्दों पर स्थापित तंत्र के जरिए संपर्क में हैं।

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