नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी के फैसले की तारीफ की है। राष्ट्रपति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यपालों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फैसले की तारीफ की और कहा कि नोटबंदी से काले धन और भर्ष्टाचार पर रोक लगेगी। साथ ही उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि हो सकता है अर्थव्यवस्था की रफ्तार कुछ समय लिए सुस्त पड़ जाए।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि गरीब लंबे वक्त तक इंतजार नहीं कर सकते और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है। उनका यह बयान नोटबंदी के फैसले की पृष्ठभूमि में आया है जिसके संबंध में उन्होंने कहा कि इस कदम के बाद अस्थाई आर्थिक मंदी आ सकती है। राज्यों के राज्यपालों और उपराज्यपालों को अपने नववर्ष के वीडियो संदेश में मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में घोषित पैकेज कुछ राहत प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, कालेधन को समाप्त करने और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए लागू नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में अस्थाई मंदी आ सकती है। हमें लंबे समय की अपेक्षित प्रगति के लिए गरीबों के लिए अपरिहार्य हो गयीं परेशानियों को समाप्त करने के लिहाज से अतिरक्त सावधानी बरतनी होगी। राष्ट्रपति ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए अधिकार की सोच से उद्यमशीलता की ओर बढ़ने पर जोर देने का वह स्वागत करते हैं लेकिन उन्हें निश्चित नहीं पता कि क्या गरीब लोग इतना लंबा इंतजार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है ताकि वे भूख, बेरोजगारी और उत्पीड़न से मुक्त भविष्य की ओर राष्ट्रीय अभियान में सक्रियता से भाग ले सकें। प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में घोषित पैकेज कुछ राहत देगा।
गौरतलब है कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में 9 नवंबर से 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने का ऐलान किया था। इसके बाद 10 नंवबर से देश के सभी बैंकों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें नोट जमा करवाने और बदलवाने के लिए लगी थीं। इसके तहत सरकार ने 30 दिसंबर तक पुराने नोट जमा कराने के लिए लोगों को 50 दिन का समय दिया था। बाद में आरबीआई और सरकार ने इसके बाद कई नए ऐलान भी किए और नियमों में बदलाव भी किए।
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