चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चीन व पाकिस्तान के साथ सन् 1962, 1965 तथा 1971 में हुए युद्ध में शहीद हुए पंजाब के प्रत्येक जवान की विधवा या उनके कानूनी वारिस को 50 लाख रुपये का अनुदान देने की शुक्रवार को घोषणा की। पंजाब सरकार का यह फैसला शहीदों के परिजनों द्वारा 10-10 एकड़ जमीन की मांग को लेकर जारी आंदोलन वापस न लेने से मना करने के बाद आया है। शहीदों के जिन परिवारों को जमीन नहीं मिली, उन्हें जमीन या वर्तमान कीमत के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह अनुदान सन् 1965 व 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध तथा 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान शहीद हुए वीर जवानों के प्रति एक महत्वपूर्ण सद्भावना संकेत तथा सम्मान व आभार है।’ अनुदान की 20 लाख रुपये, 15 लाख रुपये तथा 15 लाख रुपये की राशि 3 अर्धवार्षिक किस्तों में दी जाएगी। राज्य सरकार की नीति के तहत शहीद रक्षाकर्मियों के परिजनों को 10 एकड़ जमीन या नकद मुआवजा दिया जाता है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘इस नीति की घोषणा सन् 1975 में की गई थी और इस दौरान आवेदन करने वाली 1,500 युद्ध विधवाओं को 10 एकड़ ग्रामीण कृषि जमीन या नकद का आवंटन किया जा चुका है।’ पंजाब सरकार ने हाल में नकद मुआवाज देने की घोषणा की थी, लेकिन इसे शहीदों के परिजनों ने खारिज कर दिया था, क्योंकि नकद राशि सन् 1970 के मध्य के दौरान कृषि जमीन की दर के हिसाब से तय की गई थी। इसके हिसाब से प्रत्येक परिजन को 20 लाख रुपये के आसपास पड़ रहा था।