नयी दिल्ली: खालिस्तान कमांडो फोर्सर् :केसीएफ: के एक संदिग्ध सदस्य को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है। वह आतंकवादी गतिविधियों, हत्या और डकैती के 50 से अधिक मामलों में कथित तौर पर संलिप्त है। पुलिस ने बताया कि गुरसेवक सिंह उर्फ बाबला :51: केसीएफ में नयी जान फूंकने के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था और वह दिल्ली में गिरोहों के संपर्क में था। उसकी योजना बैंक लूटने की थी। उन्होंने बताया कि सिंह को कल महीपालपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से चार कारतूस भरी एक पिस्तौल जब्त की गई। वह जरनलैल सिंह भिंडरावाले का सहयोगी रह चुका है जो 1984 में सेना के ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारा गया था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त :अपराध: प्रवीर रंजन ने बताया कि वह केसीएफ के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवाद के निर्देश पर प्रतिबंधित संगठन में नयी जान फूंकने की योजना बना रहा था। पंजवाद फिलहाल पाकिस्तान में है। गौरतलब है कि 1980 के दशक में पंजाब में आतंकवाद अपने चरम पर था जब गुरसेवक भिंडरावाले के भतीजे दर्शन सिंह के संपर्क में आया था। वह 1982 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। रंजन ने बताया कि 1984 में गुरसेवक और केसीएफ के अन्य सदस्यों ने हिंद समाचार अखबार के समूह संपादक रमेश चंदर की जलंधर में कथित तौर पर हत्या कर दी थी।
1986 में गुरसेवक और उसके साथियों ने पंजाब के पूर्व डीजीपी जुलियो रिबेरो के जालंधर आवास पर कथित हमला किया था। पुलिस ने बताया कि करीबब 18 साल :2004 तक: दिल्ली के तिहाड़ जेल में रहने के दौरान वह पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं को संपर्क करने में कामयाब रहा था। उसने पुलिस को बताया था कि आईएसआई उसके आतंकी संगठन को भारी मात्रा में मादक पदार्थ और भारत के जाली नोटों की आपूर्ति किया करता था। वह कई बार पुलिस को चकमा देकर हिरासत से भाग चुका था।