कानपुर: उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा आज पकड़े गए गौस मोहम्मद के बेटे का कहना है कि उसे अपने पिता से कोई हमदर्दी नहीं है और जो देश का नहीं हो सका वह हमारा का क्या होगा? उसने यह भी कहा पिता जी अक्सर घर से गायब रहते थे वह यहां कम लखनऊ में ज्यादा रहते थे वह कब कहां जाते थे यह नहीं मालूम।
यहां सबसे खास बात यह है कि लखनऊ में मारे गये आतंकी सैफुल्ला और कानपुर उन्नाव से पकड़े गये फैसल उर्फ फैजान और इमरान तथा मध्य प्रदेश से पकड़ा गया दानिश और आज पकड़ा गया गौस मोहम्मद यह सभी शहर के जाजमउ इलाके में एक किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। इनमें से सैफुल्ला और फैसल, इमरान और दानिश आपस में रिश्तेदार भी हैं। जाजमउ एक मुस्लिम बहुल इलाका है। यहां ज्यादातर लोग चमड़े का काम करते है और चमड़े का सामान बनाने वाली लगभग सभी टेनरियां इसी इलाके में हैं।
गौस मोहम्मद के बेटे अब्दुल कादिर के जाजमउ स्थित घर पर जब मीडिया पहुंचा तो उसने कहा कि उसे नहीं पता उसके पिता कहां है? एटीएस ने उन्हें यहां घर से गिरफ्तार नहीं किया है। उसने कहा कि हमारे परिवार की पिता से नहीं बनती थी और ना हीं कोई उनसे बात करता था। पिता जी जब लखनऊ से आते थे और यहां घर में होते थे तो लोग अक्सर उनसे मिलने आते थे। आखिरी बार कुछ दिन पहले वह घर आये थे उसके बाद आज मीडिया से मालूम हुआ कि उन्हें एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास पासपोर्ट था और वह सऊदी अरब भी जा चुके हैं।
गौस मोहम्मद के बेटे अब्दुल कादिर जूते बेचने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे अपने पिता से कोई हमदर्दी नहीं अगर वह देश के नहीं हो सके तो हम लोगों के क्या होंगे?
कुछ ऐसा ही बयान कल पकड़े गये संदिग्ध फैसल, इमरान और दानिश के पिता नसीम अहमद का कहना था और लखनऊ में मारे गये आतंकी सैफुल्ला के पिता सरताज का कहना था कि अगर उनके बेटों ने देशद्रोह किया है तो उससे उनका कोई लेना देना नहीं है।