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Video: दहशत के 10 रास्तों की हक़ीक़त, LoC से इंडिया टीवी की EXCLUSIVE रिपोर्ट

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 20, 2016 11:04 pm IST,  Updated : Sep 20, 2016 11:04 pm IST

नई दिल्ली: उरी आतंकी हमले के बाद देशभर में जबरदस्त गुस्सा है। पाकिस्तान को सबक सिखाने की आवाजें बुलंद हो रही हैं लेकिन सवाल ये भी उठ रहे हैं कि दहशतगर्द आखिर आर्मी के ठिकाने

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नई दिल्ली: उरी आतंकी हमले के बाद देशभर में जबरदस्त गुस्सा है। पाकिस्तान को सबक सिखाने की आवाजें बुलंद हो रही हैं लेकिन सवाल ये भी उठ रहे हैं कि दहशतगर्द आखिर आर्मी के ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब कैसे हो गए। हमारे चैनल इंडिया टीवी के संवाददात बॉर्डर के उन रूट्स पर गए जहां से घुसपैठ का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

वो टेरर रूट्स.. जो आतंकियों के सबसे बड़े मददगार हैं-

हाजी पीर का दर्रा

उरी जहां रविवार को आतंकी हमला हुआ। एक तरफ हाजी पीर का दर्रा, दूसरी तरफ सोकड़ की पहाड़ियां, तीसरी तरफ बाबा फरीद की पहाड़ियां और इन्हीं पहाड़ियों के पीछे है पीओके के वो इलाके जहां आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप हैं। लॉन्चिंग पैड से निकलकर आतंकी पहाड़ों के इन्हीं जंगलों में छिप जाते हैं।

हाजी पीर का नाला

सिर्फ हाजी पीर का दर्रा ही नहीं, हाजी पीर का नाला भी आतंकियों का बड़ा मददगार है। पीओके से निकलकर ये नाला उरी सेक्टर से होते हुए झेलम नदी में गिरता है।

सलामबाद

पहाड़ों से निकलता नाला और नीचे बहती झेलम नदी। उरी के पास बसा सलामबाद इलाके में आतंक का वो रूट है जहां से सबसे ज्यादा घुसपैठ होती है। उरी के पास बसा सलामबाद पीओके के बेहद करीब है। सलामबाद से सटा पीओके का चकोठी इलाका है जहां खुलेआम आतंक के ट्रेनिंग कैंप बने हुए हैं।

चकोठी से आने वाले दहशतगर्दों सलामबाद नाला काफी सेफ रूट है क्योंकि घने जंगलों से होकर गुजरने वाले इस नाले की निगरानी काफी मुश्किल है। शुरुआती तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि उरी को दहलाने वाले दहशतगर्द इसी सलामबाद नाले से होते हुए उरी में दाखिल हुए थे।

चकोठी गांव

हिंदुस्तान की तरफ ऊंचे पहाड़, बीच में झेलम नदी और नीचे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का चकोठी गांव। पीओके का ये वही चकोठी गांव हैं जहां खुलेआम दहशतगर्द घूमते हैं और आतंक के ट्रेनिंग कैंप हैं।

रवायन नाला

उरी सेक्टर के ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच ऐसे न जाने कितने बरसाती नाले हैं जो दहशतगर्दों के लिए सुरक्षित रास्तों का काम करते हैं। इन्हीं में से एक है रवायन नाला। LoC से सटे इस नाले से भी अक्सर घुसपैठ का खतरा मंडराता रहता है।

तिलावाडी, सलजीवाड़

उरी का तिलावाडी इलाका एलओसी से सटी आखिरी पोस्ट.. जहां से फेंसिंग शुरू होती है। घुसपैठ की फिराक में बैठे दहशतगर्दों की नजर इस रूट पर होती है क्योंकि तिलावाडी पोस्ट के ठीक उस पार पीओके के सलजीवाड़ और बांडी इलाके बसे हैं। सलजीवाड़ से आए आतंकी अक्सर इस रास्ते से भारत में घुसने की कोशिश करते हैं।

पीर पंजाल

टेरर रूट का ये सबसे संवेदनशील हिस्सा है जिसे काला नाला और उरी नाला के नाम से भी जाना जाता है। POK से बहता हुआ ये नाला भारत की तरफ आता है। लिहाजा नाले के बीच में ही फेंसिंग भी की गई है फिर भी इसे सबसे खतरनाक प्वाइंट माना जाता है क्योंकि यहां से घुसपैठ की आशंका सबसे ज्यादा होती है।

भारत का सिलीकोट, पाकिस्तान का थाजल इलाका

पहाड़ों के इस पार भारत का सिलीकोट और बालकोट इलाका.. थोड़ी दूरी पर एलओसी और ठीक सटा पाकिस्तान का थाजल इलाका.. आतंक का ये वो रूट है जिसे पार करने के लिए दहशतगर्दों सिर्फ चंद कदम की दूरी तय करनी पड़ती है। ये वो रूट है जहां आतंकी अगर सुरक्षाबलों की नजरों से बच गए तो सीधे उरी सेक्टर में दाखिल हो जाते हैं।

उरी अटैक के बाद सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के सभी टेरर रूट्स पर चौकसी बढ़ा दी है। चप्पे-चप्पे की तलाशी की जा रही है लेकिन जवानों के सामने सबसे बड़ी मुसीबत ये घने जंगल हैं जिनके भीतर दहशतगर्द कई-कई दिन तक छिपकर आर्मी की नजरों से बचे रहते हैं।

देखिए वीडियो-

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