भोपाल: भोपाल की एक विशेष CBI अदालत ने घोटाले से प्रभावित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा वर्ष 2013 में पुलिस कांस्टेबल के पद के लिए कराई गई लिखित परीक्षा में गड़बड़ी करने को लेकर दो व्यक्तियों को तीन साल की कठोर कैद की सजा सुनायी है। व्यापम के विशेष सरकारी वकील सतीश दिनकर ने बताया कि कल अपने फैसले में विशेष सीबीआई न्यायाधीश आर के चौबे ने मुरैना निवासी रामवीर रावत और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के सुशील कुमार प्रजापति को दोषी ठहराया। उन्होंने दोनों पर 5000-5000 रूपए का जुर्माना भी लगाया।
CBI के अनुसार प्रजापति ने रावत की जगह परीक्षा दी थी। न्यायाधीश ने दोनों को भादसं की धारा 468 और अन्य धाराओं तथा मध्यप्रदेश मान्यताप्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत दोषी पाया। मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा बोर्ड जिसे व्यापम नाम से भी जाना जाता है, व्यापक परीक्षा एवं भर्ती घोटाले से घिर गया था। इसमें बड़े बड़े नेताओं और बिचौलियों की कथित संलिप्तता है।
बिहार में बाढ प्रभावित इलाकों से 5987717 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है। लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के लिए 1063 सरकारी (591) एवं निजी नावें (472) परिचालित की जा रही है। बाढ पीडितों के लिए 415 सरकारी राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जिनमें 296008 लोगों को रखा गया है तथा पशु को रखने के लिए 39 शिविर बनाए गए हैं। बिहार में बाढ प्रभावित इलाकों में बीमार लोगों के इलाज के लिए 112 चिकित्सा दलों को लगाया गया है।
बाढ पीडितों के बीच 42100 फूड पैकेट, 3037.30 क्विंटल चूडा, 641.80 क्विंटल गुड, 183900 पैकेट माचिस, 3540 पैकेट मोमबत्ती, 270365 लीटर किरासन तेल और 23672 पॉलिथिन शीट का वितरण किया गया है। इस बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सुपौल पहुंच कर कोसी तटबंध का निरीक्षण किया तथा राहत कार्य में जुटे कार्य एजेंसी के अभियंताओं को आवश्यक निर्देश दिये। बिहार के मंत्रियों ने बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राहत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।