मुंबई: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिंदी, अंग्रेजी और मराठी के जाने-माने लेखक और संपादक माणिक मुंडे की दो पुस्तकों का विमोचन सोमवार को मुंबई के प्रभादेवी स्थित रवीन्द्र नाट्य मंदिर में किया। समारोह में हरिद्वार के शंकराचार्य, हंगरी से आए बौद्ध धर्मगुरू मास्टर कर्मा तानपाई गियालशेन, जैन मुनि पद्मसागर जी महाराज साहब और मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार खास तौर से उपस्थित थे।
माणिक मुंडे की इन दोनों पुस्तकों में से एक ‘आधी रात जगाने आया हूं’ एक उपन्यास है, जबकि दूसरी ‘गाईन ओवी गाईन नाम’ मराठी में पारंपरिक जाता गीतों का संकलन है। माणिक मुंडे ने अपनी मां गंगाबाई मुंडे द्वारा रचित इन गीतों का पुस्तक रूप में संकलन-संपादन किया है। दोनों पुस्तकों के विमोचन पर शंकराचार्य ने माणिक मुंडे के लिए कहा कि वह साहित्य जैसे सरस विषय के साथ-साथ राजनीति जैसे सूखे रेगिस्तान में उतरें और अपने विचार और कर्म से जनता की सेवा करें।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वैसे तो राजनीति बहुत ही शुष्क क्षेत्र है, लेकिन फिर भी माणिक मुंडे इस क्षेत्र में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। वे जब चाहें आ सकते हैं। ये निर्णय उन्हीं पर छोड़ता हूं, क्योंकि आज की राजनीति में संवेदनशीलता के साथ अच्छा काम करने वालों की बहुत जरूरत है। उन्होंने पुस्तक की एक पंक्ति पढ़ते हुए कहा कि राजा अगर सत्यशील है, तो मुल्क खराब नहीं हो सकता। और अगर मुल्क में अनुशासन है तो प्रकृति भी अराजक नहीं हो सकती है।

इस पुस्तक के लिए रॉयल्टी के तौर पर वाणी प्रकाशन से माणिक मुंडे को 10 लाख रुपये मिले हैं और किसी भी मराठी व्यक्ति को हिंदी पुस्तक के लिए पहली बार इतनी बड़ी रॉयल्टी मिली है। माणिक मुंडे ने उसमें से एक लाख की राशि का चेक नितिन गडकरी को प्रधानमंत्री राहत कोष में शहीद परिवारों की मदद के लिए जमा करवाने के लिए दे दिया। इस मौके पर बोलते हुए मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा कि ये पुस्तक समारोह अपने आप में ऐतिहासिक है क्योंकि इससे पहले हिंदी और मराठी पुस्तक का एक साथ विमोचन आज तक नहीं हुआ।