सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में बाल तस्करी रैकेट में कथित तौर पर शामिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता जूही चौधरी को बुधवार को 12 दिनों के लिए आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) की हिरासत में भेज दिया गया। सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। कड़ी सुरक्षा तथा मीडियाकर्मियों की भारी मौजूदगी के बीच चौधरी को सिलीगुड़ी में मुख्य न्यायिक न्यायाधीश की अदालत के समक्ष पेश किया गया।
अभियोजन पक्ष ने जहां उनकी सीआईडी रिमांड की मांग की, वहीं बचाव पक्ष के वकील ने उनकी जमानत मांगी। सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजेश कुमार ने कहा, "चौधरी को 12 दिनों की सीआईडी की हिरासत में भेजा गया है।" उन्होंने दावा किया कि नवजातों की तस्करी में उनकी सीधी संलिप्तता है। जूही को दार्जिलिंग में भारत-नेपाल सीमा के निकट बतासिया इलाके से मंगलवार रात सीआईडी ने गिरफ्तार किया था।
जलपाईगुड़ी जिले के इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। इस मामले से राजनीतिक लोगों के जुड़े होने के कारण पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। 17 बच्चों की तस्करी मामले में नाम आने के बाद चौधरी पिछले कई दिनों से फरार थीं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए माटिगारा पुलिस थाने लाया गया।
सीआईडी के सूत्रों के मुताबिक, जासूसों ने एक डायरी बरामद की है, जिसमें चौधरी का बाल तस्करों और सहआरोपी मानस भौमिक से संबंधों के बारे में विवरण दर्ज है, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। डायरी के मुताबिक, चौधरी बीते दो फरवरी को मुख्य आरोपी चंदना चक्रवर्ती के साथ दिल्ली गईं और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय से उन्होंने मुलकात की।
सूत्रों ने कहा कि माना जाता है कि जलपाईगुड़ी में एक एडॉप्शन सेंटर के बारे में चर्चा के लिए उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की। चौधरी की गिरफ्तारी ठीक उसी दिन हुई है, जब मामले में पहले से गिरफ्तार चंदना चक्रवर्ती ने उन पर गलत काम में संलिप्तता का आरोप लगाया। फर्जी कागजातों के आधार पर कम से कम 17 बच्चों को बेचने को लेकर जलपाईगुड़ी में चाइल्ड एडॉप्शन सेंटर बिमला शिशु गृह की अध्यक्ष चक्रवर्ती को चीफ एडॉप्शन ऑफिसर सोनाली मंडल के साथ गिरफ्तार किया गया था।
चक्रवर्ती ने मंगलवार को कहा, "चौधरी बीते तीन साल से एडॉप्शन सेंटर से जुड़ी थीं। अगर वहां कुछ भी गलत या अनैतिक हुआ, तो यह उनके द्वारा किया गया। मुझे क्यों फंसाया जा रहा है? मैं दोषी नहीं हूं।" अपने संगठन के लिए मदद की मांग को लेकर उन्होंने चौधरी के साथ दिल्ली जाने की बात स्वीकारी और दावा किया कि भाजपा नेता ने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ जब बातचीत की, तब वह अलग कमरे में थीं।चक्रवर्ती ने कहा, "जूही ने मुझे आश्वासन दिया था कि वह सभी मुद्दों से निपट लेंगी।"
उन्होंने कहा, "मैंने किसी से बातचीत नहीं की, बल्कि जूही ने की। उसने भाजपा नेता रूपा गांगुली तथा कैलाश विजयवर्गीय से बातचीत की होगी। मैं एक अलग कमरे में बैठी थी। हम निर्दोष हैं। हम निश्चित तौर पर जांच में मदद करेंगे।"
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