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देह व्यापार से किशोरियों को बचाने के लिए एक्स रे परीक्षण

 Written By: Bhasha
 Published : Sep 28, 2016 02:49 pm IST,  Updated : Sep 28, 2016 02:49 pm IST

वैश्यावृत्ति में किशोरियों के प्रवेश को रोकने की कोशिश के तहत यौन कर्मियों का एक संठगन देह व्यापार में शामिल होने वाली लड़कियों की उम्र का पता लगाने के लिए एक्स रे परीक्षण का इस्तेमाल एक उपकरण की तरह कर रहा है।

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कोलकाता: वैश्यावृत्ति में किशोरियों के प्रवेश को रोकने की कोशिश के तहत यौन कर्मियों का एक संठगन देह व्यापार में शामिल होने वाली लड़कियों की उम्र का पता लगाने के लिए एक्स रे परीक्षण का इस्तेमाल एक उपकरण की तरह कर रहा है। यौन कर्मियों के संगठन दरबार महिला समन्वय समिति द्वारा देह व्यापार में ढकेली जा रही नाबालिग लड़कियों को रोकने के लिए समूचे पश्चिम बंगाल में एक्स रे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संगठन के 1.30 लाख सदस्य है। दरबार की वरिष्ठ अधिकारी महाश्वेता ने कहा, हम नहीं चाहते कि किशोरियां इस व्यापार में आए हैं। लेकिन दलाल और यहां तक कि गरीब परिवारों के अभिभावक लड़कियों को 18 वर्ष से ज्यादा का बताने की कोशिश करते हैं।

महाश्वेता ने पीटीआई भाषा से कहा, हम पहले पूछते हैं कि क्या वे 18 वर्ष से ज्यादा की है। अधिकतर वे झूठ बोलती हैं। 16 साल की लड़की को देखकर यह बताना बहुत मुश्किल होता है कि वह 16 की है या 18 की। ऐसी स्थिति में हम उनकी असल उम्र पता लगाने के लिए एक्स रे परीक्षण करते हैं। दरबार के साथ काम करने वाले एक गैरसरकारी संगठन, सोनागाछी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टि्टयूट :एसआरटीआई: के प्रधानाचार्य समरजीत जाना ने कहा, कलाई और कमर का एक्स रे करके एक महिला की उम्र का आसानी से पता लगाया जा सकता है। यह सरल तरीका है और पश्चिम में नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार में जाने से रोकने के लिए इसका इस्तेमाला किया जाता है।

जाना ने कहा, इस प्रक्रिया को भारत में व्यापक तौर पर अभी अपनाया जाना है। हमें उम्मीद है कि आने वाले इन दिनों में यह बंगाल मॉडल अन्य को एक रास्ता दिखाएगा। इस शहर में एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट क्षेत्र सोनागाछी से पहली बार ऐसी पहल को शुरू किया गया। दरबार के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने देह व्यापार में ढकेली जा रही किशोरियों के खिलाफ राज्य सरकार की मदद से यह अभियान शुरू किया। कोलकाता के अलावा, इस अभियान ने कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, माल्दा, उत्तर 24 परगाना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी रफ्तार पकड़ी। अधिकारी ने कहा, पूछताछ के बाद अगर यह साबित होे जाता है कि उन्हें इसमें जबरन ढकेला गया है तो हम उन्हें सरकार के गृहों या उनके माता पिता के पास भेज देते हैं लेकिन सभी मामलों में हम एक्स रे परीक्षण करते हैं। उन्होंने कहा कि एक्स रे परीक्षण से सैकड़ों किशोरियों को बचाया जा चुका है।

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