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'नेहरू ने जानबूझकर हटवाए मां दुर्गा से जुड़े छंद', वंदे मातरम को लेकर बीजेपी का बड़ा आरोप

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Nov 07, 2025 01:08 pm IST, Updated : Nov 07, 2025 01:08 pm IST

बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन ने कांग्रेस और नेहरू पर आरोप लगाया कि 1937 में वंदे मातरम से मां दुर्गा से जुड़े छंद जानबूझकर हटाए गए ताकि कुछ समुदायों को खुश किया जा सके। उन्होंने कहा कि नेहरू की हिंदू-विरोधी सोच आज राहुल गांधी में भी दिखती है।

Vande Mataram controversy, Nehru removed Durga verses, BJP accusation Congress- India TV Hindi
Image Source : ANI बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन।

नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि 1937 में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने जानबूझकर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को छोटा कर दिया था। उन्होंने कहा कि नेहरू ने मां दुर्गा की स्तुति वाली पंक्तियां हटा दी थीं, ताकि कुछ समुदायों को खुश किया जा सके। केसवन ने अपनी X पोस्ट में लिखा, 'हमारी नई पीढ़ी को पता होना चाहिए कि नेहरू की अध्यक्षता वाली कांग्रेस ने अपनी सांप्रदायिक राजनीति के चलते 1937 के फैजपुर अधिवेशन में सिर्फ़ वंदे मातरम के पहले 2 छंद ही अपनाए। बाकी छंद, जिनमें मां दुर्गा की जय-जयकार थी, उन्हें हटा दिया गया।'

'वंदे मातरम किसी एक धर्म या भाषा की संपत्ति नहीं'

केसवन ने आगे लिखा, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पूरे देश में पूरे मूल वंदे मातरम के सामूहिक पाठ के साथ इसके 150वें साल का उद्घाटन कर रहे हैं। वंदे मातरम किसी एक धर्म या भाषा की संपत्ति नहीं थी। यह हमारी मातृभूमि की जयगाथा थी, देशभक्ति की आवाज थी। अंग्रेजों ने इसे गाना जुर्म बना दिया था। लेकिन कांग्रेस ने ऐतिहासिक गुनाह किया। नेहरू के नेतृत्व में धार्मिक आधार पर मां दुर्गा वाले छंद हटा दिए गए।'

'सुभाष चंद्र बोस पूरे गीत को अपनाने के पक्ष में थे'

केसवन ने 20 अक्टूबर 1937 का नेहरू का नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लिखा पत्र भी साझा किया। उसमें नेहरू ने लिखा था कि वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को चिढ़ा सकता है। उन्होंने कहा था कि सांप्रदायिक लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। जबकि नेताजी पूरे गीत को अपनाने के पक्ष में थे।  केसवन ने लिखा, '1 सितंबर 1937 के पत्र में नेहरू ने तंज कसते हुए कहा कि वंदे मातरम को देवी से जोड़ना बेतुकी बात है। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के लिए उपयुक्त नहीं है।'

'नेहरू की हिंदू-विरोधी सोच राहुल में साफ दिखती है'

बीजेपी नेता ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा,'1937 में अगर नेहरू ने मां दुर्गा का नाम हटाया, तो मार्च 2024 में राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू धर्म में शक्ति नाम का एक शब्द है, और हम शक्ति के खिलाफ लड़ रहे हैं। नेहरू की हिंदू-विरोधी सोच आज राहुल में साफ दिखती है। हाल ही में उन्होंने छठ पूजा को ड्रामा कहकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत कीं।'

'कांग्रेस ने हमेशा सांप्रदायिक वोटबैंक की राजनीति की'

वंदे मातरम बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास ‘आनंदमठ’ से निकला गीत है। यह आजादी की लड़ाई का प्रतीक बना, लेकिन मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को इसमें हिंदू राष्ट्रवाद दिखता था। आज शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में वंदे मातरम के 150वें साल के सालभर तक चलने वाले समारोह का उद्घाटन किया। इस मौके पर पूरे देश में पूरा मूल गीत गाया जाएगा। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा सांप्रदायिक वोटबैंक की राजनीति की, जबकि मोदी सरकार देश की साझा विरासत को पूरा सम्मान दे रही है। (ANI)

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