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बॉर्डर पर पकड़ा गया अमेरिकी, जॉर्डन ब्राउन के अजीब दावों ने मचा दिया हड़कंप; मैथ्यू वैनडाइक की कहानी दोहराई?

 Published : Jul 13, 2026 05:47 pm IST,  Updated : Jul 13, 2026 05:47 pm IST

बिना वीजा नेपाल भागते पकड़े गए अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन की बदलती कहानियों से मैथ्यू वैनडाइक केस की यादें ताजा हो गई है। कई देशों की यात्रा के उसके अजीब दावों की तुलना मैथ्यू वैनडाइक से की जा रही है।

Jordan Brown Matthew VanDyke- India TV Hindi
जॉर्डन ब्राउन और मैथ्यू वैनडाइक Image Source : X- ANI

बिना वीजा भारत से नेपाल जाने के प्रयास में अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार सुबह एसएसबी जवान सोनौली कोतवाली क्षेत्र के मैनिहवा के समीप सीमा स्तंभ 516 के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान भारत की ओर से नेपाल की तरफ जा रहा एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। जवानों उसे ने जांच के लिए रोका तो वह हाथ छुड़ाकर भागने लगा। इस दौरान जवानों ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

वहीं, आपको बता दें कि अमेरिका में भारतीय मूल की महिला Google कर्मी शीतल व्रजेसियन की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

31 हजार कैश, 2 मोबाइल और कोई दस्तावेज नहीं

भारत-नेपाल बॉर्डर पर अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां ​​मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं। उसके पास से 31 हजार 460 रुपये कैश और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम 36 वर्षीय जार्डन ब्राउन निवासी कैलिफोर्निया राज्य, अमेरिका बताया। जॉर्डन के पास न तो पासपोर्ट था और न ही कोई अन्य वैध दस्तावेज। वह बेंगलुरु से सोनौली सीमा पर आया और बिना दस्तावेज के नेपाल जाने की फिराक में था।

पुलिस की गिरफ्त में जॉर्डन ब्राउन।
Image Source : X- ANIपुलिस की गिरफ्त में जॉर्डन ब्राउन।

जॉर्डन ब्राउन ने क्या-क्या दावे किए?

सही कागजात न होने के बावजूद, जॉर्डन ब्राउन ने अलग-अलग दावे किए हैं- जैसे कि वह अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज का पूर्व सैनिक है और 'नाज़' नाम के एक परिचित का पता लगा रहा है। कई देशों की यात्रा के उसके अजीब दावों की तुलना मैथ्यू वैनडाइक से की जा रही है। अब आपको बताते हैं आखिरे ये मैथ्यू वैन डाइक कौन है, जिसे कुछ ही महीनों पहले भारत में गिरफ्तार किया गया। 

मैथ्यू वैनडाइक कौन है?

मैथ्यू वैनडाइक उन सात विदेशियों में से एक था जिसे 17 मार्च को भारत के खिलाफ रची गई एक कथित साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। वह भारत के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में घुसा था, ताकि वहां के जातीय सशस्त्र समूहों और भारत के कुछ प्रतिबंधित समूहों को ट्रेनिंग दे सके।

मैथ्यू एरन वैनडाइक खुद को सिक्योरिटी एनालिस्ट, वॉर कॉरेस्पोंडेंट और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर बताता था। उसका नाम पहली बार 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया था, जब वह विद्रोही लड़ाकों के साथ शामिल हुआ था और उसे जेल में डाल दिया गया था। लीबिया के बाद, वैनडाइक ने 'सन्स ऑफ़ लिबर्टी इंटरनेशनल' (SOLI) नाम का एक संगठन बनाया। यह संगठन दुनिया भर के संघर्ष वाले इलाकों में स्थानीय हथियारबंद समूहों को मिलिट्री ट्रेनिंग और रणनीतिक सलाह देता है।

विद्रोह का समर्थक है वैनडाइक

मैथ्यू वैनडाइक के सोशल मीडिया फ़ुटेज और मोबाइल फोन की जांच करने पर कई रिकॉर्डिंग मिली थीं जिनमें कथित तौर पर वैनडाइक को दुनिया भर में होने वाले विद्रोहों का समर्थन करते हुए सुना गया। उसने कहा कि उसका मकसद सिर्फ विदेशी लड़ाकों को लड़ाई में भेजना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को खुद के लिए लड़ने के लिए प्रशिक्षित करना था। वैनडाइक ने तो किराए के सैनिकों से वेनेज़ुएला, म्यांमार और ईरान में विद्रोही गुटों में शामिल होने के लिए वैश्विक अपील भी जारी की थी।

Matthew VanDyke
Image Source : @RT_INDIA_NEWS/ (X) मैथ्यू वैनडाइक

क्यों अहम है वैनडाइक की गिरफ्तारी?

भारत में उसकी गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि माना जाता है कि उसका संबंध पूर्वोत्तर में सक्रिय हथियारबंद नेटवर्क से है। यह भी माना जा रहा है कि वैनडाइक ड्रोन संचालन और आधुनिक युद्ध तकनीकों में प्रशिक्षण दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी से सुरक्षा से जुड़े कई बड़े सवाल खड़े होते हैं, खासकर यह कि क्या भारतीय क्षेत्र का इस्तेमाल एक ट्रांजिट कॉरिडोर (आवागमन के रास्ते) के तौर पर किया जा रहा था और क्या उसका भारत-विरोधी और प्रतिबंधित गुटों से कोई संबंध था। जासूसी और खुफिया जानकारी जुटाने के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

आधुनिक युद्ध का माहिर है वैनडाइक

मैथ्यू वैनडाइक एक भाड़े का सैन्य प्रशिक्षक था जिसके बारे में कहा जाता है कि उसका पहले अमेरिकी सेना से भी जुड़ाव रहा है। उसने इराक और अन्य युद्ध क्षेत्रों में भी सेवा दी है। सूत्रों ने यह भी बताया कि उसने "स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग भी ली है, जिसमें गुरिल्ला युद्ध, रणनीतिक अभियान, ड्रोन का इस्तेमाल और आधुनिक युद्ध तकनीक'' जैसे विषय शामिल हैं।

भारतीय अदालत तक कैसे पहुंचा?

वैनडाइक को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया था। तीन यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ से और तीन अन्य को दिल्ली से पकड़ा गया था। बाद में इन सभी 7 लोगों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां NIA ने यात्रा के रास्ते का पता लगाने, कथित साज़िश के सबूत इकट्ठा करने और अन्य साथियों का पता लगाने के लिए कस्टडी की मांग की थी।  

वैनडाइक की तरह अब जॉर्डन ब्राउन से पूछताछ के बाद सोनौली पुलिस को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है। वह कितने दिनों से भारत में रह रहा था इसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है।

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