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भीषण चक्रवात 'मोंथा' आंध्र तट से टकराया, ओडिशा में हुई भारी बारिश से तबाही; 15 जिले प्रभावित

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 28, 2025 11:53 pm IST,  Updated : Oct 28, 2025 11:57 pm IST

आंध्र प्रदेश के तट से भीषण चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं, ओडिशा में चक्रवात 'मोंथा' की वजह से भारी बारिश हुई, जिससे तटीय और दक्षिणी जिलों में भूस्खलन, घरों को नुकसान और कई जगह पेड़ उखड़ गए।

तूफान 'मोंथा' का तांडव शुरू- India TV Hindi
तूफान 'मोंथा' का तांडव शुरू Image Source : PTI

भीषण चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रक्रिया मंगलवार शाम शुरू हो गई है और यह अगले तीन से चार घंटों तक जारी रहेगी। थाई भाषा में 'मोंथा' का अर्थ सुगंधित फूल होता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार शाम 7:23 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।

आईएमडी के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले कुछ घंटों में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आस-पास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगी। इस दौरान अधिकतम 90 से 100 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलेगी, जिसकी गति 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

ओडिशा के 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित

वहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा में चक्रवात 'मोंथा' की वजह से मंगलवार को भारी बारिश हुई, जिससे तटीय और दक्षिणी जिलों में भूस्खलन, घरों को नुकसान और कई जगह पेड़ उखड़ गए। कानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति, गंजम, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर सहित दक्षिणी ओडिशा के कुल 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

गजपति जिले के अनाका ग्राम पंचायत में पास की पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से पांच गांवों की सड़कें अवरुद्ध हो गईं। रायगढ़ जिले के गुनुपुर, गुदारी और रामनागुड़ा इलाकों में भी पेड़ उखड़ने की सूचना है। गजपति जिले की पोतारा पंचायत में चक्रवात आश्रय स्थल के प्रबंधन में लगे एक आपूर्ति सहायक सुरेंद्र गमांग की सोमवार रात अचानक बीमार पड़ने से मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारण की पुष्टि नहीं की है।

ओडिशा में भूस्खलन और पेड़ उखड़े
Image Source : PTIओडिशा में भूस्खलन और पेड़ उखड़े

प्रशासन का एक्शन और बचाव कार्य

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की है और किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं होने देने का लक्ष्य रखा है। प्रभावित लोगों को शरण देने के लिए 2,000 से ज्यादा चक्रवात आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा मोचन बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशमन सेवा के कर्मियों वाली 153 बचाव टीमें (6,000 से ज्यादा कर्मी) आठ दक्षिणी जिलों में संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं।

प्रशासन ने 9 जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को 30 अक्टूबर तक बंद करने की घोषणा कर दी है और सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी 30 अक्टूबर तक रद्द कर दी गई हैं। सोमवार से अब तक 1,871 गर्भवती महिलाओं को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है, जिनमें से 452 ने बच्चों को जन्म दिया है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) डी. के. सिंह ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को समुद्र तटों पर जाने से रोकने के लिए सभी समुद्री तटों को सील कर दिया है।

यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित

चक्रवात के कारण पूर्वी तटीय रेलवे की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं- 

ट्रेनें रद्द: वाल्टेयर क्षेत्र और उससे जुड़े मार्गों पर चलने वाली 61 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

अन्य प्रभावित ट्रेनें: दो के मार्ग बदल दिए गए और पांच ट्रेनों को बीच में ही समाप्त/समय से पहले शुरू कर दिया गया, जबकि 8 अन्य ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया है।

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