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'हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं', हाथ जोड़ DMK सांसद से बोले शिवराज

लोकसभा में मंगलवार को उस वक्त एक रोचक स्थिति पैदा हो गई डीएमके सांसद ने पीएम किसान सम्मान निधि का मामला उठाया। इस पर कृषि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो जवाब दिया वह सुनने लायक था।

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2
Published : Mar 11, 2025 04:02 pm IST, Updated : Mar 11, 2025 04:03 pm IST
shivraj singh chouhan- India TV Hindi
Image Source : PTI केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को तमिलनाडु के एक सांसद ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सवाल किया था। इस प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मैं तमिलनाडु सरकार से आग्रह करता हूं कि अगर कोई पात्र हितग्राही पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित है तो उनकी सूची पोर्टल पर अपडेट करें। उनके नाम निश्चित रूप से जोड़े जायेंगे। तमिलनाडु में ऐसे लगभग 14 हजार किसान हैं; राज्य सरकार छानबीन कर सूची भेजे, मैं आश्वस्त करता हूं कि यहां से 1 दिन की भी देरी नहीं होगी।

बता दें कि डीएमके सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के किसानों के साथ अन्याय कर रही है और भुगतान में देरी हो रही है। वहीं, कृषि मंत्री ने साफ किया कि देरी राज्य सरकार की तरफ से हो रही है क्योंकि 14,000 किसानों की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है।

तमिलनाडु के मंत्रियों की गैरहाजिरी का सुनाया किस्सा

केंद्रीय मंत्री ने हाथ जोड़ते हुए कहा, "मैं खुद दो बार तमिलनाडु गया हूं, एक बार कृषि विभाग के काम से और एक बार ग्रामीण विकास के काम से। अब मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं लेकिन दोनों ही मौकों पर न तो ग्रामीण विकास मंत्री और न ही कृषि मंत्री मेरी मीटिंग में आए। मैं अनुरोध करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम तमिलनाडु की महान जनता को नमन करते हैं, तमिल संस्कृति को नमन करते हैं, तमिल भाषा को नमन करते हैं, हम सब भारत माता के बेटे हैं, भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। हम विनम्रता के साथ तमिलनाडु की जनता और किसानों की सेवा करेंगे।"

उन्होंने कहा, ''प्रत्येक पात्र किसान को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिले, इसके लिए हमने कई उपाय किए हैं। हमने पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया है। साथ ही पात्र किसानों को जोड़ने के लिए 3 अभियान भी चलाए हैं। चौथा अभियान हम 15 अप्रैल से पुनः प्रारंभ करेंगे ताकि कोई पात्र किसान शेष न रहे।''

'PM मोदी ने छोटे किसानों के दर्द को पहचाना'

शिवराज ने कहा, ''कई बार जब छोटे किसान को अपनी कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन की आवश्यकता पड़ती थी, तो उनके पास पैसा नहीं होता था। खाद, बीज के लिए हजार-दो हजार रुपये भी ब्याज पर लेना पड़ता था। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे किसान के इस दर्द को पहचाना और उन्होंने तय किया कि ऐसे सभी किसानों के खाते में 'पीएम किसान सम्मान निधि' के अंतर्गत हर साल तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपए डाले जाएंगे।''

सिंगल क्लिक से किसानों के खाते में पहुंचती है पूरी राशि

उन्होंने कहा, एक प्रधानमंत्री थे जो कहते थे कि 1 रुपये भेजता हूं तो केवल 15 पैसे पहुंचते हैं लेकिन ये मोदी जी की सरकार है। हमने तय किया कि 'पीएम किसान सम्मान निधि' के तहत 2-2 हजार रुपए की 3 किस्तें जाएंगी तो पूरा 6 हजार रुपये ही पहुंचेगा, इस योजना का एक पैसा कोई नहीं खा सकता। इसलिए DBT के माध्यम से सिंगल क्लिक से पूरी राशि किसानों के खाते में पहुंचती है। पीएम किसान सम्मान निधि' के तहत हर पात्र किसान को इस योजना का लाभ मिले, इसके लिए हम राज्य सरकारों के सहयोग से ही सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ देने के लिए अभियान चलाते हैं। आज भी मैं सभी राज्य सरकारों से ये निवेदन करना चाहता हूं कि अगर अब भी उनके राज्य में कोई पात्र हितग्राही शेष रह गया हो, तो वो तुरंत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाएं, एक भी पात्र किसान शेष नहीं बचेगा, सबके खाते में पैसे भेजे जाएंगे।

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