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क्या है राजा रघुवंशी की मर्डर मिस्ट्री का सच? आखिरी कॉल पर क्या बातचीत हुई थी?

 Published : Jun 04, 2025 10:06 pm IST,  Updated : Jun 04, 2025 10:06 pm IST

शिलॉन्ग हनीमून पर गए इंदौर के राजा रघुवंशी का शव 11 दिन बाद झरने के पास मिला, जबकि पत्नी सोनम लापता है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और सीबीआई जांच की मांग की है।

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राजा रघुवंशी अपनी पत्नी के साथ हनीमून पर शिलॉन्ग गए थे। Image Source : INDIA TV

इंदौर/शिलॉन्ग: मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में हनीमून मनाने गए इंदौर के नवदंपति राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की खुशहाल जिंदगी एक भयानक हादसे में बदल गई। 11 मई 2025 को शादी के बाद 20 मई को दोनों शिलॉन्ग पहुंचे थे। लेकिन 23 मई को दोपहर 1:43 बजे के बाद दोनों लापता हो गए। 11 दिन की गहन तलाश के बाद 2 जून को राजा रघुवंशी का शव सोहरा के वेईसॉडॉन्ग झरने के पास 100 फीट गहरी खाई में मिला। उनकी पत्नी सोनम अब तक गायब है, और परिवार को डर है कि उसे अगवा कर लिया गया हो। पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर राजा की हत्या किसने की और सोनम कहां है?

आखिरी कॉल पर क्या बातचीत हुई थी?

राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने घटना के बारे में बोलते हुए कहा, 'यह हादसा नहीं, हत्या है। मेरा भाई मारा गया है। हम चाहते हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच हो। हमें अपनी बहू सोनम को हर हाल में ढूंढना है।' परिजनों ने बताया कि लापता होने से कुछ समय पहले राजा ने अपनी मां से बात की थी और सोनम ने भी अपनी सास से बात की थी। मां ने जब राजा से पूछा कि उसने खाना खा लिया, तो राजा ने जवाब दिया कि अभी केला खा रहा हूं। दोनों के बीच पहाड़ी पर जाने को लेकर और झरने वगैरह देखने के बारे में बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि मां-बेटे के बीच यही आखिरी कॉल थी।

11 मई को हुई थी दोनों की शादी

राजा (29) और सोनम (27) ने 11 मई को इंदौर में शादी की थी। शादी की तस्वीरों में दोनों बेहद खुश नजर आ रहे थे। परिवार भी इस शादी से खुश था। गोवा की जगह राजा ने सोनम को नॉर्थ-ईस्ट की खूबसूरती दिखाने के लिए शिलॉन्ग का प्लान बनाया और दो महीने पहले ही टिकट बुक कर ली थी। 20 मई को दोनों असम में मां कामाख्या देवी के दर्शन करने के बाद शिलॉन्ग पहुंचे। 22 मई को वे किराए की स्कूटी से मावलखियात गांव गए और वहां से नोंग्रियाट गांव में फेमस ‘लिविंग रूट ब्रिज’ देखने के लिए 3000 सीढ़ियां उतरकर गए। रात को एक होमस्टे में रुके और 23 मई की सुबह वहां से निकले। इसके कुछ घंटों बाद वे लापता हो गए।

कैफे के पास खड़ी मिली थी स्कूटी

24 मई को उनकी स्कूटी शिलॉन्ग-सोहरा मार्ग पर एक कैफे के पास खड़ी मिली, जो राजा के शव वाली जगह से 25 किलोमीटर दूर थी। GPS ट्रैकर से पता चला कि 23 मई को स्कूटी कुछ देर के लिए एडी व्यू पॉइंट, मावक्मा में रुकी थी। 11 दिन बाद 2 जून को ड्रोन की मदद से राजा का शव वेईसॉडॉन्ग झरने के पास गहरी खाई में मिला। शव पूरी तरह सड़ चुका था, और चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। दाहिने हाथ पर ‘RAJA’ नाम का टैटू और एक वाटरप्रूफ स्मार्टवॉच से उसकी पहचान हुई। शव के पास एक खून से सना धारदार हथियार (दाव), एक महिला की सफेद शर्ट, पेंटरा 40 की गोली की स्ट्रिप, टूटा हुआ मोबाइल स्क्रीन और राजा की स्मार्टवॉच मिली।

सोनम की तलाश में जुटी हैं कई टीमें

सोनम की तलाश में मेघालय पुलिस, NDRF, SDRF और वेस्ट जैंतिया हिल्स डिस्ट्रिक्ट एडवेंचर माउंटेनियरिंग क्लब की टीमें जुटी हैं। 17 सदस्यीय NDRF टीम ड्रोन, पर्वतारोहियों और विशेष पुलिस बलों के साथ सोहरा में तलाशी चला रही है। 29-31 मई को भारी बारिश (500 मिमी) और भूस्खलन ने अभियान को रोक दिया, लेकिन मौसम सुधरने के बाद तलाश फिर शुरू हुई। राजा के परिवार को अब स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है और वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। राजा रघुवंशी के मां-बाप को अभी घटना के बारे में नहीं बताया गया है और वे अभी भी यही सोच रहे हैं कि वह और सोनम मौसम की वजह से मेघालय में फंसे हुए हैं।

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