1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ED की गिरफ्त में फंसीं के. कविता का नाम शराब घोटाले में कैसे आया?

ED की गिरफ्त में फंसीं के. कविता का नाम शराब घोटाले में कैसे आया?

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Swayam Prakash
 Published : Mar 15, 2024 11:54 pm IST,  Updated : Mar 16, 2024 06:25 am IST

दिल्ली शराब घोटाले के मामले में BRS नेता के. कविता को आज ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अब ईडी उन्हें दिल्ली ले जाकर पूछताछ करेगी। हम आपको बताएंगे कि के. कविता का इस मामले में नाम कैसे आया।

K Kavitha- India TV Hindi
BRS नेता के. कविता को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया Image Source : PTI

दिल्ली शराब घोटाले के मामले में BRS नेता और पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के. कविता को आज ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं इससे पहले दिल्ली शराब घोटाले में ED ने उनके हैदराबाद स्थित आवास छापेमारी भी की थी। गिरफ्तारी के बाद के. कविता को दिल्ली लाया जा रहा है, जहां जांच एजेंसी के. कविता से पूछताछ करेगी। लेकिन यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि दिल्ली शराब घोटाले के मामले में के. कविता का नाम आखिर आया कैसे और उनपर क्या आरोप लगे हैं। 

शराब घोटाले के साउथ ग्रुप का हिस्सा थीं कविता

दरअसल, मनीष सिसौदिया और दूसरे AAP नेताओं के साथ साउथ ग्रुप, जिसमें सारथ रेड्डी, एम श्रीनिवासुलु रेड्डी, राघव मगुंटा और के कविता शामिल थे। इसका प्रतिनिधित्व अरुण पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुची बाबू ने किया था। 2021-22 की शराब पॉलिसी थोक विक्रेताओं के लिए असाधारण रूप से 12 प्रतिशत प्रॉफिट मार्जिन और खुदरा विक्रेताओं के लिए लगभग 185 प्रतिशत प्रॉफिट मार्जिन के साथ लाई गई थी। 12 प्रतिशत मार्जिन में से 6 प्रतिशत थोक विक्रेताओं से AAP के नेताओं को रिश्वत के रूप में वापस वसूल किया जाना था। ईडी के मुताबिक साउथ ग्रुप ने आप नेता विजय नायर को लगभग 100 करोड़ रुपये की रिश्वत एडवांस में दी। इस एडवांस घूस के बदले में विजय नायर ने साउथ ग्रुप को थोक कारोबार में हिस्सेदारी सुनिश्चित की क्योंकि दिल्ली शराब कारोबार में उनकी कोई पकड़ नहीं थी।

फर्म में पार्टनर थीं के. कविता 

उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उन्हें नई शराब पॉलिसी के अनुसार अनुमति से अधिक कई खुदरा लाइसेंस रखने की अनुमति दी गई और उन्हें अन्य अनुचित लाभ दिए गए। साउथ ग्रुप के साथ हिस्सेदारी साझा करने वाली संस्थाओं में से एक समीर महंद्रू की इंडो स्पिरिट्स है। समीर महंद्रू ने साउथ ग्रुप के अरुण पिल्लई और प्रेम राहुल मंदुरी को दी गई 65% साझेदारी के साथ इस फर्म का गठन किया। इस फर्म में के. कविता और मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी और राघव मगुंटा पार्टनर थे। अरुण पिल्लई और प्रेम राहुल द्वारा किए गए नाममात्र निवेश उनके वास्तविक निवेशकों से जुड़े हुए हैं।

हवाला से दिए गए लगभग 100 करोड़ रुपये

विजय नायर ने समीर महंद्रू से इन लोगों को साझेदारी का हिस्सा देने के लिए कहा था और यह सुनिश्चित किया कि पेरनोड रिकार्ड का थोक व्यवसाय इंडो स्पिरिट्स को दिया जाए। विजय नायर मनीष सिसौदिया की ओर से काम कर रहे थे, इसका खुलासा अरुण पिल्लई ने अपने बयान में भी किया है वो इंडोस्पिरिट्स में के कविता का प्रतिनिधि था। 2 फरवरी, 2023 को बुचीबाबू ने कहा कि इस सौदे में हवाला चैनलों के माध्यम से भुगतान की गई कुल राशि लगभग 100 करोड़ रुपये थी।

कविता ने दस फोन का इस्तेमाल किया

के. कविता ने 2021 और 2022 में कम से कम दस फोन का इस्तेमाल किया। संदेह है कि यह डिजिटल सबूतों को नष्ट करने और जांच को पटरी से उतारने के लिए किया गया था। ईडी के मुताबिक वह घोटाले में सक्रिय भागीदार थीं और उन्होंने अपने सहयोगियों अरुण पिल्लई, बाबू और अन्य को रिश्वत देकर व्यापार करने के तरीके के बारे में बताया था।

ये भी पढ़ें-

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत