कोलकाता: राफेल लड़ाकू विमान मुद्दे पर सरकार पर हमले तेज करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने आज केंद्र पर इसका सौदा करने के लिए रक्षा खरीद प्रक्रिया और कई समितियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। पूर्व वित्त मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इस सौदे पर हस्ताक्षर करने से पहले सरकार ने सुरक्षा पर मंत्रिमंडल की समिति को भरोसे में नहीं लिया।
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उन्होंने यहां कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘राफेल सौदे में रक्षा खरीद प्रक्रिया को क्यों नजरअंदाज किया गया और अनुबंध वार्ता समिति तथा मूल्य वार्ता समिति को अंधेरे में क्यों रखा गया? सुरक्षा पर मंत्रिमंडल की समिति को भी भरोसे में नहीं लिया गया।’’
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि संप्रग सरकार द्वारा तय की गई हर विमान की कीमत और अब राजग सरकार जिस कीमत पर राजी हुई है, उसमें बड़ा अंतर है।
चिदंबरम ने पूछा, ‘‘संप्रग ने हर राफेल विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये तय की और राजग के समझौते में एक विमान की कीमत 1,670 करोड़ रुपये तय की गई। अगर यह आकड़ा सही है तो क्या कोई बताएगा कि कीमतें तीन गुनी कैसे बढ़ गई?’’