नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 2014 के चुनावों से भी बड़ी जीत हासिल करेगी। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर गठबंधन की भावी सरकार के बारे में बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अपवित्र गठबंधन वाली सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलतीं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा की जीत हुई थी और जनादेश कांग्रेस के खिलाफ था। अमित शाह आज दिन भर चले इंडिया टीवी के आयोजन ‘इंडिया टीवी संवाद’ में रजत शर्मा के सवालों का जवाब दे रहे थे।
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‘हम कर्नाटक चुनावों में जनता के पास 2 मुद्दे लेकर गए थे’
कर्नाटक के बारे में बात करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'कर्नाटक का चुनाव तो भाजपा ने जीता ही है। कर्नाटक की जनता ने साफतौर पर कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का मैंडेट दिया है। भारतीय जनता पार्टी को 104 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के जादुई आंकड़े से सिर्फ 7 दूर है। वहीं, कांग्रेस को 78 और जनता दल सेक्युलर गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं। मैं नहीं समझ पा रहा कि यह किस तरह से हार हुई।' येदियुरप्पा के इस्तीफे के सवाल पर शाह ने कहा, 'जब हम कर्नाटक की जनता के पास गए थे तो 2 मुद्दे लेकर गए थे। एक नरेंद्र मोदी का 4 साल का कार्यकाल और दूसरा सिद्धारमैया सरकार का शासन। इसके बाद कर्नाटक की जनता ने हमें राज्य का सबसे बड़ा दल बनाया। हम जनादेश प्राप्त करने में सफल हुए हैं।'
‘हमारे ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाने वालों ने अस्तबल बेच खाया’
कांग्रेस द्वारा लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर जवाब देते हुए शाह ने कहा, ‘हम हॉर्स ट्रेडिंग करते तो क्या आज यह नतीजे आते?’ अमित शाह ने कहा कि हमारे ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाने वाले लोगों ने पूरे का पूरा अस्तबल ही बेच खाया। उनका इशारा कांग्रेस द्वारा कुमारस्वमी को मुख्यमंत्री पद ऑफर करने की तरफ था। रजत शर्मा द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय जनता पार्टी सराकर को गिराने की कोशिश करेगी, अमित शाह ने जवाब दिया कि उनकी पार्टी ऐसी कोई कोशिश नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह एक अपवित्र गठबंधन है और ऐसी सरकारें ज्यादा नहीं चलतीं।
’15 दिन में विधायकों का मन बदल जाता’
यह पूछे जाने पर कि जब कर्नाटक में संख्याबल नहीं था तब कैसे वह बाकी की सीटें जुटाते, शाह ने कहा, ‘विधायक जनता के बीच जाते तो उनका भी मन 15 दिन में बदल जाता। वे जब विजय जुलूस लेकर अपने क्षेत्र में जाते तो उन्हें जनता का मूड पता चलता।’ उन्होंने कहा कि विधायक इसलिए नहीं डरे हैं कि उन्हें हमसे डर है, कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर ने विधायकों में डर पैदा किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपवित्र गठबंधन के बाद जब वे जनता के बीच जाएंगे तो वे जनता का दबाव नहीं झेल पाएंगे।
दलित-पिछड़ों की अनदेखी के आरोपों पर दिया यह जवाब
दलितों और पिछड़ों की अनदेखी के आरोप पर शाह ने कहा कि मोदी सरकार की लगभग सभी योजनाओं से सबसे ज्यादा लाभ दलितों एवं पिछड़ों को ही मिला है। इस क्रम में शाह ने उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, सौभाग्य योजना, मुद्रा योजना एवं जनधन योजना समेत सरकार की तमाम योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने महिला सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार के जितना काम इस क्षेत्र में किसी भी अन्य सरकार ने नहीं किया। इसके लिए शाह ने मातृत्व अवकाश को 26 सप्ताह करने का हवाला दिया। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा, विशेषकर तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।
कठुआ और कश्मीर पर भी बोले शाह
कठुआ मामले पर हुए विवाद पर शाह ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता वहां किसी को बचाने की मांग नहीं कर रहे थे, बल्कि सही जांच की मांग कर रहे थे। शाह ने कहा, ‘अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए इसपर मेरा कुछ भी बोलना ठीक नहीं होगा। इस मामले पर हमारे 2 मंत्रियों ने इस्तीफा भी दिया।’ शाह ने बताया कि किस तरह मोदी सरकार के आने के बाद दुनिया में भारत की साख बढ़ी है और आतंकवाद पर लगाम कसी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार ने हवाला फंडिंग पर लगाम कसकर हाफिज सईद एवं उसके जैसे लोगों की कमर तोड़ दी गई है।