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Asaduddin Owaisi Exclusive: ओवैसी ने कहा, हमें Mohan Bhagwat की बात पर जरा भी यकीन नहीं है

 Written By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
 Published : Jun 03, 2022 09:57 pm IST,  Updated : Jun 03, 2022 10:02 pm IST

मोहन भागवत के इस आश्वासन पर कि किसी मस्जिद पर कब्जा नहीं होगा, औवैसी ने कहा कि उन्हें RSS सुप्रीमो की बात पर यकीन नहीं है।

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AIMIM President Asaduddin Owaisi. Image Source : PTI

Highlights

  • असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि क्या मोहन भागवत के पुरखों को जबरन बौद्ध से हिंदू बनाया गया था?
  • RSS और संघ परिवार की तारीख पढ़ेंगे तो 1964 से पहले राम मंदिर का मुद्दा नहीं था: ओवैसी
  • क्या जिन लोगों ने काशी में मुकदमा किया है उनका ताल्लुक RSS या विश्व हिंदू परिषद से नहीं है: ओवैसी

Asaduddin Owaisi Exclusive: AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें RSS प्रमुख मोहन भागवत की इस बात पर जरा भी यकीन नहीं है कि उनका संगठन ज्ञानवापी के लिए आंदोलन नहीं करेगा। साथ ही मोहन भागवत के इस बयान पर कि देश के अधिकांश मुसलमानों के पूर्वज हिंदू हैं, ओवैसी ने कहा कि क्या उनके पुरखों को जबरन बौद्ध से हिंदू बनाया गया था। विकाराबाद के तांदूर में मौजूद ओवैसी इंडिया टीवी के खास शो ‘आज की बात’ में चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के सवालों के जवाब दे रहे थे।

‘भागवत के भाषण पर जरा भी भरोसा नहीं’

मोहन भागवत के इस आश्वासन पर कि किसी मस्जिद पर कब्जा नहीं होगा, बोलते हुए ओवैसी ने कहा, 'मोहन भागवत के भाषण पर हरगिज भरोसा नहीं किया जा सकता। RSS और संघ परिवार की तारीख पढ़ेंगे तो 1964 से पहले राम मंदिर का मुद्दा नहीं था। 1964 में विश्व हिंदू परिषद बनी, मुद्दा बना, और बीजेपी ने 1989 के पालमपुर रिजॉल्यूशन में उसे बना लिया। RSS के लोग यह नहीं बता रहे हैं कि बजरंग दल राम मंदिर, काशी और मथुरा के लिए बनाया गया था। उनका यह बोलना कि हमको ऐतिहासिक कारणों से हमको बाबरी मस्जिद-राम मंदिर के लिए प्रोटेस्ट करना पड़ा।’

‘RSS ने अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट को धोखा दिया’
AIMIM सुप्रीमो ने कहा, ‘मोहन भागवत इस बात को कैसे कह रहे हैं जब आपने सुप्रीम कोर्ट को कहा था कि 6 दिसंबर को मस्जिद को हाथ नहीं लगाएंगे। आपने कोर्ट को धोखा दिया, और उसके बाद आपने मस्जिद को शहीद कर दिया। इसीलिए, इनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। हां, अगर देश के प्रधानमंत्री कल आकर देश को बताएंगे कि उनकी सरकार 1991 के ऐक्ट को मानती है, और उसको लागू करेगी, तो ये तमाम मुकदमे डालने वाले लोग पीछे हट जाएंगे। क्या जिन लोगों ने काशी में मुकदमा किया है उनका ताल्लुक RSS या विश्व हिंदू परिषद से नहीं है?'

‘क्या भागवत के पूर्वज बौद्ध से हिंदू बने थे?’
मोहन भागवत के बयान पर आगे बोलते हुए ओवैसी ने कहा, ‘हम तो दूध के जले है, छाछ को भी फूंक-फूंककर पीते हैं। मथुरा में 55 साल पहले हिंदुओं और मुसलमानों ने बैठकर समझौता कर लिया और कोर्ट में उस समझैते को दाखिल किया। आज कोर्ट चले गए। ये जाने वाले लोग कौन हैं? दिक्कत मुझे इसलिए है क्योंकि उन्होंने कहा था कि मुसलमान चोरी का सामान है। आज आप कहते हैं कि मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे, क्या मैं कह सकता हूं कि मोहन भागवत के पूर्वजों को जबरन बौद्ध से हिंदू बनाया गया था। क्या जबान इस्तेमाल कर रहे हैं? ’

‘बाबरी के समय भी मैंने ऐसा ही कहा था’
इस सवाल पर कि क्या उन्हें अब भी लगता है कि देश में मस्जिदों पर कब्जे के लिए कोशिश होती रहेगी, ओवैसी ने कहा, 'यकीनन, ऐसा ही होता रहेगा। यह तो मोहन भागवत की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है। जब बाबरी मस्जिद का वर्डिक्ट आया था, तब भी मैंने यही बात कही थी। सबने मुझपर अंगुलियां उठाईं, आज कोर्ट में केस लेकर चले गए हैं। अब हर जगह ऐसा हो रहा है।’ ओवैसी ने साथ ही कहा कि यह झूठ है कि इस्लाम भारत में आक्रांता लेकर आए। उन्होंने कहा कि इस्लाम भारत में व्यापारियों की वजह से आया, स्कॉलर्स की वजह से आया, सूफियों की वजह से आया।

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