दो चरणों में नौ और 11 दिसंबर को संपन्न हुए केरल निकाय चुनाव के वोटों की गिनती आज सुबह आठ बजे से जारी है। इस चुनाव को इस बार बीजेपी ने बेहद गंभीरता से लिया है और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (nda) ने स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार शहरी क्षेत्रों पर खासतौर पर फोकस किया है। कई राज्यों के विधानसभाओं और लोकसभा चुनावों में मिली बंपर जीत के बाद भाजपा काफी उत्साहित है। केंद्र सरकार ने कई तरह की योजनाएं जारी की हैं और इन योजनाओं की लोकप्रियता का लाभ उठाते हुए, एनडीए गठबंधन का लक्ष्य तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर सीट पर जीतने की मंशा रखी है।
विधानसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा
भाजपा का लक्ष्य केरल के प्रमुख निगमों पर कब्जा जमाना और नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाना है। एनडीए गठबंधन ने इस बार केरल के लगभग 90% सीटों पर चुनाव लड़ा है, जो स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर गठबंधन के लिए अब तक का सबसे बड़ा नंबर है।
केरल निर्वाचन आयोग के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनाव के दोनों चरणों में राज्यभर के वार्ड में चुनाव लड़ रहे 75,632 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करने के लिए 2,86,62,712 मतदाता पात्र थे। वोटों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हो चुकी है और बता दें कि इस बार इस चुनाव में दो करोड़ से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला था।
केरल में कब है विधानसभा चुनाव
केरल के 140 सीट के लिए मई 2026 को विधानसभा चुनाव होना है अगले साल होने वाले केरल विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केरल की राजनीति पारंपरिक रूप से दो मुख्य गठबंधनों के बीच घूमती रही है- लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) – जिसका नेतृत्व CPI(M) करती है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी को अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है, परंतु पार्टी राज्य में जनाधार बढ़ाने में लगी है।
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