नई दिल्लीः लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने भारत से युद्ध रोकने के लिए नहीं कहा था। ट्रंप का बिना नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि भारत किसी देश के दबाव में सीजफायर नहीं किया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति को फोन पर दिया ये जवाब
पीएम मोदी ने कहा अमेरिका के उपराष्ट्रपति का फोन आ रहा था, मैं उनका फोन नहीं उठा पाया। तब मैंने दोबारा से कॉल बैक किया। तब उन्होंने बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है। तब मेरा उनको जवाब था कि अगर पाकिस्तान का ये इरादा है तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेगा। हम गोली का जवाब गोले से देंगे। ये सब 9 मई की रात की बात है। 10 मई की सुबह हमने पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को तहस-नहस कर दिया था।
दुनिया के किसी भी नेता ने भारत से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोकने के लिए नहीं कहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में यह स्पष्ट किया कि दुनिया के किसी भी नेता ने भारत से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोकने के लिए नहीं कहा। उन्होंने लोकसभा में, ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए यह भी कहा कि भारत ने ‘‘पाकिस्तान की नाभि पर’’ वार किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर करारा प्रहार किया और कहा कि इस अभियान के दौरान पूरी दुनिया का समर्थन मिला, लेकिन जवानों के पराक्रम को मुख्य विपक्षी दल का समर्थन नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी नेता ने हमें ऑपरेशन (सिंदूर) रोकने के लिए नहीं कहा। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब विपक्ष संघर्ष विराम के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे पर जवाब की मांग कर रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल के बाद मैंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यह हमारा संकल्प है कि हम आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। सजा उनके आकाओं को भी मिलेगी।
कांग्रेस पर पीएम मोदी ने साधा निशाना
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 10 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की, इसे लेकर यहां भांति भांति की बातें की गईं। ये वहीं प्रोपेगेंडा है जो सीमा पार से यहां फैलाया गया है। कुछ लोग सेना द्वारा दिए गए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे, जबकि भारत का रूख हमेशा स्पष्ट रहा है।
(एएनआई और पीटीआई इनपुट के साथ)