लोकसभा में सोमवार को देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त कराने के मुद्दे पर नियम 193 के तहत चर्चा हुई। इस चर्चा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भाग लिया और लंबा संबोधन दिया। अमित शाह ने लोकसभा को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि देश अब नक्सलमुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि संविधान को निशाना बनाने वाले नक्सलियों के दिन अब लद गए हैं। अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कई बार नक्सल समर्थकों के साथ दिखे हैं।
क्या बोले अमित शाह?
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि "राहुल गांधी कई बार नक्सली समर्थकों के साथ दिखे है। नक्सली समर्थकों के साथ राहुल गांधी ने मंच साझा किया। उन्होंने नक्सलवाद का समर्थन किया।नक्सली हिडमा को मारे जाने के खिलाफ हुए प्रदर्शन का वीडियो राहुल गांधी ने शेयर किया। मनमोहन सरकार में कांग्रेस नक्सलियों को बचाने में जुटी थी।"
कांग्रेस के नेता खुद नक्सलवादी बन गए
अमित शाह ने भारत में नक्सलवाद के लिए कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया। अमित शाह ने कहा कि साल 1970 से लेकर 2004 तक 4 वर्ष को छोड़कर पूरे समय कांग्रेस का शासन रहा। इसी दौरान देश में नक्सलवाद की विचारधारा पनपी और फैली। अमित शाह ने कहा कि सत्ता के समर्थन के बिना नक्सलवाद का पनपना संभव ही नहीं था। अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों के साथ रहते-रहते कांग्रेस के नेता खुद नक्सलवादी बन गए। इसका जवाब कांग्रेस को चुनाव में देना पड़ेगा।
'गोली का जवाब गोली से ही दिया जाएगा'
लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- "यह हमारी सरकार की नीति है कि बातचीत सिर्फ उन्हीं से होगी जो हथियार डाल देंगे, जो गोली चलाएंगे उनका जवाब गोली से ही दिया जाएगा। हम एक लोकतंत्र में रहते हैं। हमने इस देश के संविधान को अपनाया है। यह सरकार किसी की धमकियों से डरने वाली नहीं है। यह सबके साथ न्याय करने वाली सरकार है।"
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