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महिला आरक्षणः हर स्टेट से 50 परसेंट सीटों में बढ़ोतरी, किसी राज्य के साथ नहीं होगा अन्याय

 Reported By: Devendra Parashar Edited By: Mangal Yadav
 Published : Apr 15, 2026 02:28 pm IST,  Updated : Apr 15, 2026 02:33 pm IST

16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33 परसेंट रिज़र्वेशन लागू करने से जुड़े कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल पर चर्चा होगी।

लोकसभा। फाइल फोटो- India TV Hindi
लोकसभा। फाइल फोटो Image Source : PTI

नई दिल्लीः गुरुवार से तीन दिन तक संसद में भारी शोर शराबा देखने को मिल सकता है। सरकार महिला आरक्षण लागू करने को लेकर मैराथन मंथन करना चाहती है। इसके लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार यानी 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया है। दरअसल सरकार चाहती है कि 2029 से ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलने लगे। 2023 में ये बिल क़ानून बन चुका है मगर अब विपक्षी दल इसे लेकर सरकार पर बड़े आरोप लगा रहे हैं।

50 परसेंट सीटें बढ़ेंगी 

सरकारी सूत्रों के अनुसार, हर राज्य के लिए मौजूदा सीटों में 50 परसेंट की बढ़ोतरी होगी। सीटें सिर्फ़ प्रोपोर्शनल होंगी। किसी भी राज्य के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। बिल की भाषा बहुत साफ़ है। संसद में इसे बहुत साफ़ तौर पर बताया जाएगा। गलत मतलब निकालने से बचा जा सकता है।

विपक्ष सरकार पर साधा रहा है निशाना

विपक्षी दल महिला आरक्षण की आड़ में डिलिमिटेशन की साज़िश का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं साउथ की पार्टियां ज़्यादा चिंतित हैं क्योंकि सरकार डिलिमिटेशन कर लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करना चाहती है। इससे नॉर्थ की सीटें काफी बढ़ जाएंगी और दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा। आज इस मामले पर स्ट्रैटजी बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी कमेटी की बैठक की।

कांग्रेस का पक्ष है कि जनसंख्या नियंत्रण पर अच्छा काम करने वाले दक्षिण के राज्यों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। कांग्रेस ने अपना स्टैंड तय किया है कि वो महिला आरक्षण का तो समर्थन करेंगे लेकिन सरकार को संवैधानिक व्यवस्था का ख्याल रखना पड़ेगा। तमिलनाडु के सीएम स्टालिन कह रहे हैं अगर सरकार ने मनमानी की तो लोग सड़क पर उतरेंगे। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी भी सरकार को बवाल हो जाने की चेतावनी दे रहे हैं।

सरकार विपक्ष की चिंताओं का करेगी समाधान

विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने जो बिल की कॉपी जारी की है उसमें कहीं नहीं लिखा गया है कि सीटें कितनी बढ़ेंगी और कैसे इसका फैसला होगा हालांकि सरकार की तरफ से इसपर डिटेल में समझाया गया है कि सीटें कितनी बढ़ेंगी ये तो डिलिमिटेशन कमीशन तय करेगा और इसका फैसला प्रपोशनल हिस्से से तय होगा। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि साऊथ के राज्यों की चिंताओं का भी समाधान किया गया है...लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को घुमाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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