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क्यों इस पार्टी से खौफ में है नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP, उमर अब्दुल्ला को मिल चुकी है शिकस्त

 Published : Sep 10, 2024 01:30 pm IST,  Updated : Sep 10, 2024 01:50 pm IST

जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य में मुख्य मुकाबला कांग्रेस-NC, पीडीपी और भाजपा के बीच माना जा रहा है। हालांकि, विधानसभा चुनाव में एक और पार्टी सामने आई है जिसमें महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला की टेंशन बढ़ा दी है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP की बढ़ी टेंशन।- India TV Hindi
नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP की बढ़ी टेंशन। Image Source : PTI

जम्मू-कश्मीर में करीब 10 साल बाद विधानसभा चुनाव का आयोजन होने जा रहा है। 2014 के चुनाव के बाद से प्रदेश की स्थिति काफी बदल गई है। जम्मू-कश्मीर अब राज्य से केंद्रशासित प्रदेश बन चुका है। तत्कालीन राज्य का हिस्सा रहा लद्दाख अब अलग केंद्रशासित प्रदेश है। इसके साथ ही अब 2014 के मुकाबले राज्य की राजनीति में भी काफी बदलाव आया है। कई नए दल अब चुनावी मैदान में हैं जो कि राज्य की दो प्रमुख पार्टियां नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। इन्हीं में से एक राजनीतिक पार्टी है आवामी इत्तेहाद पार्टी यानी AIP। आइए जानते हैं कि क्यों इस विधानसभा चुनाव में आवामी इत्तेहाद पार्टी पर सभी की खास नजर है और क्यों ये पार्टी उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की टेंशन बढ़ा सकती है। 

क्यों चर्चा में है आवामी इत्तेहाद पार्टी?

दरअसल, आवामी इत्तेहाद पार्टी के नेता का नाम इंजीनियर राशिद है। इंजीनियर राशिद वही व्यक्ति हैं जिसने तिहाड़ जेल में बंद होकर भी लोकसभा चुनाव 2024 में उमर अब्दुल्ला को बारामूला लोकसभा सीट से करारी शिकस्त दी थी। इंजीनियर राशिद टेरर फंडिंग के आरोप में साल 2019 से ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। हालांकि, उसकी पार्टी आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने जा रही है। 

क्या बोली महबूबा मुफ्ती?

पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इंजीनियर राशिद की आवामी इत्तेहाद पार्टी को भारतीय जनता पार्टी का प्रॉक्सी बताया है। जानकारी के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि उनके पिता को पीडीपी को खड़ा करने में 50 साल लग गए। अब भी उनके पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वे हर जगह उम्मीदवार खड़े कर सके। लेकिन जो इंजीनियर राशिद जेल में है उसके उम्मीदवार कैसे हर जगह खड़े हो जाते हैं। उसके पीछे कौन है। महबूबा ने आरोप लगाया है कि आवामी इत्तेहाद पार्टी का लक्ष्य बस कश्मीर में वोटों को विभाजित करना है। 

उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला दोनों ने भी इंजीनियर राशिद की आवामी इत्तेहाद पार्टी को लेकर सवाल खड़े किए हैं और आरोप लगाया है कि कई दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा के साथ सौदा किया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि इन सभी पार्टियों का लक्ष्य गांदरबल से एनसी उम्मीदवार उमर अब्दुल्ला ही है। आपको बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल के साथ ही बड़गाम सीट से भी चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 

 

जम्मू क्षेत्र में भी उम्मीदवार उतारेगी AIP

इंजीनियर राशिद के बेटे अबरार पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। अबरार ने कहा है कि AIP कश्मीर और जम्मू दोनों क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े करेगी। पार्टी ने बताया है कि वह कश्मीर में 47 में से लगभग 40-42 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जम्मू क्षेत्र में 5-8 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। AIP के प्रवक्ता ने दावा किया है कि पार्टी चुनाव में आश्चर्यचकित कर देगी।

इंजीनियर राशिद में क्या है खास?

दरअसल, इंजीनियर राशिद बीते लंबे समय से जेल में बंद हैं। इस कारण लोगों के मन में उसके लिए सहानुभूति भी है। ये भी एक बड़ा कारण था राशिद ने उमर अब्दुल्ला को चुनाव में हरा दिया। विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र में AIP ने कैदियों की रिहाई और PSA और USPA को रद्द करने का वादा भी किया है। राशिद के भाई खुर्शीद अहमद शेख ने चुनाव लड़ने के लिए शिक्षक की सरकारी नौकरी छोड़ दी है। पार्टी का मानना है कि उसे विधानसभा चुनाव में घाटी की करीब 20 सीटों पर जीत मिल सकती है। अगर ऐसा सच में होता है तो आवामी इत्तेहाद पार्टी जम्मू-कश्मीर की एक बड़ी राजनीतिक शक्ति बन कर उभरेगी। वहीं, जम्मू-कश्मीर में NC और PDP को तगड़ा झटका लग सकता है। 

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