1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. झारखंड में वित्तीय संकट: 26 साल में पहली बार 8 अप्रैल तक नहीं मिला वेतन, कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

झारखंड में वित्तीय संकट: 26 साल में पहली बार 8 अप्रैल तक नहीं मिला वेतन, कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

 Published : Apr 09, 2026 02:49 pm IST,  Updated : Apr 09, 2026 02:49 pm IST

नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बावजूद झारखंड में अभी तक सरकारी कर्मचारियों के खाते में मार्च महीने का वेतन नहीं आया। राज्य में 26 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब वेतन भुगतान में इतनी देरी हो रही है।

झारखंड में सरकारी...- India TV Hindi
झारखंड में सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन Image Source : FREEPIK

रांची: झारखंड के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बावजूद 8 अप्रैल तक सरकारी कर्मचारियों को मार्च महीने का वेतन नहीं मिल सका है। राज्य गठन के बाद पिछले 26 वर्षों में ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई थी। इस देरी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है।

क्यों अटका वेतन? ये हैं 3 बड़े कारण

सूत्रों और प्रशासनिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के अनुसार, इस संकट के पीछे तीन प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं:

  1. केंद्र से मिलने वाले ग्रांट में पेच: राज्य सरकार को केंद्र से विभिन्न मदों में मिलने वाले अनुदान (Grant) की उम्मीद थी। अंतिम समय तक सरकार इस राशि का इंतजार करती रही, लेकिन ग्रांट की शर्तों में बदलाव और तकनीकी कारणों से पैसा अटक गया।
  2. समय रहते बाजार से कर्ज लेने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, जिससे राजकोष में नकदी (Cash Flow) की कमी हो गई।
  3. कर्ज लेने में देरी: बताया जा रहा है कि पिछले महीने ही वित्त विभाग ने कर्ज लेने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से समय पर फाइल को मंजूरी नहीं मिल सकी।

झारखंड के इतिहास में पहली बार इतना लंबा इंतजार 

इससे पहले वर्ष 2013-14 में अप्रैल महीने में वेतन मिलने में 3 दिनों की देरी हुई थी। उस समय तत्कालीन वित्त सचिव एपी सिंह के कार्यकाल में इस मामूली देरी पर भी काफी हंगामा हुआ था। लेकिन इस बार 8 दिन बीत जाने के बाद भी वेतन का कोई अता-पता नहीं है। वैसे FRBM एक्ट  के तहत झारखंड  अपनी निर्धारित सीमा (GSDP का 3%) से बहुत कम कर्ज लिया है। यानी सरकार के पास कर्ज लेने की पर्याप्त क्षमता है, बस प्रक्रिया में हुई देरी ने 'वेतन संकट' खड़ा कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब नए सिरे से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 5-6 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी कर कर्मियों के खातों में वेतन भेज दिया जाएगा।

(रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा)

यह भी पढ़ें-

लेखपाल ने किया ऐसा घोटाला, करोड़पति बन गई पत्नी, रिटायर्ड दरोगा के नाम पर ₹4.29 करोड़ निकाले

धनबाद में सांसद-मेयर की जंग रेलवे तक: 3 दिन पहले भेजा न्योता, 3 घंटे पहले 'कैंसिल', बैनर तक बदल दिए

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। झारखण्ड से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।