पपीता की तासीर भले ही हल्की गर्म मानी जाती है, लेकिन गर्मियों में इसे खाने की सलाह एक्सपर्ट इसलिए देते हैं। पीएसआरआई हॉस्पिटल इ हेड ऑफ़ डायटीशियन शालिनी बिष्ट बता रही हैं कि गर्मियों में भी क्यों पपीता खाया जा सकता है?
गर्मियों में क्यों खाना चाहिए पपीता?
पपीता की तासीर को आमतौर पर गर्म माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे गर्मियों में नहीं खाना चाहिए। दरअसल, आयुर्वेद में तासीर के साथ-साथ फल के पोषण और शरीर पर उसके कुल प्रभाव को भी देखा जाता है। पपीता हल्का, आसानी से पचने वाला और शरीर को अंदर से साफ रखने वाला फल है, इसलिए गर्मी के मौसम में भी इसे खाने की सलाह दी जाती है।
पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं दूर
गर्मियों में अक्सर पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज और भारीपन बढ़ जाते हैं। पपीते में मौजूद एंजाइम पपेन (Papain) पाचन को बेहतर बनाता है और भोजन को जल्दी तोड़ने में मदद करता है। इससे पेट हल्का रहता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं, जो गर्मी में बहुत जरूरी होते हैं।
पानी और विटामिन से भरपूर
इसके अलावा, पपीते में पानी की अच्छी मात्रा, विटामिन A, C और फाइबर होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। गर्मियों में जब शरीर जल्दी थक जाता है और डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है, तब पपीता एक अच्छा विकल्प बन जाता है।
कब बरतनी चाहिए सावधानी?
हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है। ज्यादा पपीता खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, खासकर उन लोगों में जिनकी बॉडी पहले से ही गर्म तासीर की होती है। इसलिए दिन में एक कटोरी पका हुआ पपीता खाना पर्याप्त माना जाता है।
सही मात्रा और समय पर खाया जाए तो पपीता गर्मियों में भी फायदेमंद होता है। यह पाचन सुधारता है, शरीर को पोषण देता है और गर्मी के मौसम में भी आपको हल्का और ऊर्जावान बनाए रखता है।