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मेट्रो में लगे स्टील के पोल पर दो दिन तक जीवित रहता है कोरोना वायरस, जानें कहां कहां है खतरा

जर्नल ऑफ हॉस्पिटल ने एक रिपोर्ट में बताया है कि अगर किसी जगह का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस है तो वहां किसी सरफेस पर कोरोना वायरस कितनी देर तक रहता है। आप भी जानिए।

India TV Lifestyle Desk India TV Lifestyle Desk
Updated on: March 13, 2020 16:34 IST
Coronavirus- India TV Hindi
Coronavirus

विश्व में महामारी घोषित हो चुके जानलेवा कोरोना वायरस के भारत में भी कई मामले आ चुके हैं।  ऐसे में हर कोई खुद का बचाव करने के लिए पूरी सतर्कता बरत रहा है। आप अपने शरीर को तो पूरा ख्याल रख रहे है लेकिन आपको बता दें कि कोरोना वायरस के जरिए नहीं बल्कि सरफेस (किसी चीज पर) के जरिए फैल रहा है।  ऐसे में अगर आप किसी पब्लिक जगह पर जा रहे है तो पहले से जान लें कि वहां किन किन चीजों पर कोरोना वायरस हो सकता है और वो कब तक उस सरफेस पर जिंदा रह सकता है।  

हाल में ही जर्नल ऑफ हॉस्पिटल ने एक रिपोर्ट में बताया है कि अगर किसी जगह का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस है तो वहां के सरफेस में कोरोना वायरस कितनी देर तक सरवाइव कर सकता है।  

स्टील के रॉड और परत पर

इस रिपोर्ट के अनुसार स्टील के परत वाली चीजें जैसे मेट्रो या बस आदि में पैसेंजर के सपोर्ट के लिए लगे पोल, हैंडल, चढ़ने के  लिए पोल और खंबे। इन पोल्स के सरफेस कोरोना वायरस 2 दिनों तक जिंदा रहता है। ऐसे में  सलाह दी गई है कि पब्लिक जगहों पर जानें से बचें। इसके अलावा अगर जाना जरूरी है तो मास्क, ग्लव्स के साथ-साथ सैनिटाइजर रखें। अगर मेट्रो में सफर कर रहे हैं तो मजबूरी में खड़े रहने पर स्टील के पोल को पकड़ना ही पड़ेगा, मेट्रो से उतरते ही सैनिटाइजर से हाथ साफ करें। 

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कांच और  लकड़ी
इन दोनों चीजों में कोरोना वायरस 4 दिनों तक एक्टिव रह सकता है। ऐसे में अगर आप इन चीजों को छूते है तो आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में अगर आप ऑफिस जाते है तो इसके संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। ऐसे में आप अपनी डेस्क को सैनिटाइजर से साफ कर सकते हैं। पब्लिक प्लेस पर बैंच, कुर्सियों और कांच के दरवाजों को छूने से बचिए या फिर दस्तानों का प्रयोग कीजिए। घर लौटने से पहले दस्ताने फैंक दीजिए।  

प्लास्टिक या मिट्टी की चीजें
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ठोस धातु प्लास्टिक और मिट्टी के बर्तनों में यह वायरस करीब 5 दिनों तक एक्टिव रहता है। कोशिश कीजिए कि मॉल, दुकानों, रेस्टोरेंट्स आदि में दरवाजोंं को हाथ से न छुए, प्लास्टिक के सामान को हाथ न लगाए,मिट्टी की चीजों से दूर रहिए और पब्लिक प्लेस पर लोगों से यथासंभव दूरी बनाकर रखिए। रूटीन का पालन कीजिए औऱ घऱ लौटकर सबसे पहले साबुन से हाथ धोइए।

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एल्यूमीनियम
वहीं एल्यूमीनियम से चीजों का बात की जाए तो यह 2 से 6 घंटे तक जिंदा रहता है। 

रबड़
रबड़ या इससे बनी चीजों में कोरोना वायरस कम से कम 8 घंटे तक जीवित रह सकता है। 

अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है तो उसे कम से कम 14 दिनों के लिए आइसोलेशन में रखा जाता है। इस वायरस  संक्रमित होने के 37 दिनों के अंदर उनकी मौत होने की संभावना है। 

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