गुरुवार को बन रहे हैं एक साथ कई योग, जीवनसाथी के बिजनेस में बढ़ोत्तरी के लिए करें ये खास उपाय
गुरुवार को बन रहे हैं एक साथ कई योग, जीवनसाथी के बिजनेस में बढ़ोत्तरी के लिए करें ये खास उपाय
Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Oct 29, 2020 06:55 am IST,
Updated : Oct 29, 2020 06:56 am IST
अपने कार्यों को सफल बनाने के लिये आज रवि योग हर्षण योग उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और रेवती नक्षत्र के दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।
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गुरुवार को बन रहे हैं एक साथ कई योग, जीवनसाथी के बिजनेस में बढ़ोत्तरी के लिए करे ये खास उपाय
आज अधिक आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि त्रयोदशी और दिन गुरुवार है। त्रयोदशी तिथि आज दोपहर 3 बजकर 16 मिनट तक ही रहेगी उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। इसके अलावा आज दोपहर 12 बजे से रवि योग लग जाएगा और कल दोपहर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। रवि योग के प्रभाव से आपके सारे काम बनेंगे। सूर्य के प्रभाव वाला ये योग बहुत ही प्रभावशाली है। इस योग में किये गये कार्य को कोई भी बिगाड़ नहीं सकता। बल्कि सब अच्छा ही अच्छा होता है। रवि योग व्यक्ति को अपने अंदर पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करता है। इस दौरान किये गये कार्यों से सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। इस दौरान खरीददारी करना भी बड़ा ही शुभ होता है।
आज पूरा दिन पार कर देर रात 2 बजकर 37 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। हर्ष का अर्थ होता है खुशी, प्रसन्नता। अत: इस योग में किए गए कार्य खुशी ही प्रदान करते हैं। हालांकि इस योग में प्रेत कर्म यानि पितरों को मनाने वाले कर्म नहीं करना चाहिए। साथ ही आज दोपहर 12 बजे तक उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा, उसके बाद रेवती नक्षत्र लग जाएगा, जो कि कल दोपहर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा रेवती नक्षत्र शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में आता है। ये आखरी यानी 27वां नक्षत्र है और ये 32 तारों का एक समूह है, जिसका अर्थ है - धनवान या धनी। अतः इस नक्षत्र को धन संपदा की प्राप्ति और सुखी जीवन के साथ जोड़कर देखा जाता है।
अपने कार्यों को सफल बनाने के लिये आज रवि योग हर्षण योग उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और रेवती नक्षत्र के दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।
अगर आप हर वक्त पॉजिटिव रहना चाहते हैं, अपने आपको फ्रेश फील कराना चाहते हैं तो आज एक लोटे में जल और पुष्प लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें और दोनों हाथ जोड़कर उन्हें प्रणाम करें
अगर आप अपने सभी कार्यों में बिना किसी बाधा के सफलता पाना चाहते हैं, तो आज आपको एक कोयला लेकर पानी में प्रवाहित करना चाहिए। साथ ही शाम के समय घर के बाहर एक सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
अगर आप हर मुश्किल परिस्थिति को तुरंत सुलझाने की ताकत हासिल करना चाहते हैं, तो आज किसी ब्राह्मण के घर मिट्टी का घड़ा दान करें। साथ ही संभव हो तो किसी स्टेशनरी का काम करने वाले व्यक्ति को कमर पर बांधने वाली बेल्ट गिफ्ट करें।
अगर आपके जीवनसाथी के बिजनेस में पिछले कुछ दिनों से बहुत ज्यादा समस्याएं सामने आ रही हैं, जिसके चलते बिजनेस की आर्थिक गति थम-सी गई है, तो अपने जीवनसाथी की आर्थिक गति को फिर से दुरुस्त करने के लिये और धन की बढ़ोतरी के लिये आज 3 मुखी रुद्राक्ष की पूजा करें और पूजा करने के बाद उसे अपने जीवनसाथी को पहनने के लिये कहें। आपके जीवनसाथी के बिजनेस में चल रही आर्थिक परेशानियां दूर होंगी और उन्हें धन लाभ होगा।
अगर आप जीवन में धन, वैभव और सुख पाना चाहते हैं, तो आज घर में अपने से बड़ी उम्र की महिला को हरे रंग की चूड़ियां भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें। आपको जीवन में धन, वैभव और सुख की प्राप्ति होगी।
अगर आप अपने रिश्तेदारों के बीच या समाज के लोगों के बीच अपना मान-सम्मान बनाये रखना चाहते हैं, तो आज आपको सूर्यदेव के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है -ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।
अगर आपके पास पैसा स्थायी रूप से नहीं टिकता है, पैसा आते ही किसी न किसी काम में खत्म हो जाता है, तो आज किसी जरूरतमंद को साबुत हरे मूंग की दाल दान करें। साथ ही मंदिर में इलायची दान करें और किसी कन्या को आदरपूर्वक हरे रंग का वस्त्र गिफ्ट करें , कन्या के पैर छूकर आशीर्वाद लें। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
अगर आप अपने सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो आज आपको सौभाग्य बीसा यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। आज ताम्रपत्र पर, यानी तांबे के पत्र पर बने सौभाग्य बीसा यंत्र की स्थापना करके, उसकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए और उसे मंत्रों से सिद्ध करना चाहिए। लेकिन अगर आप तांबे के पत्र पर बना यंत्र नहीं ले सकते हैं, तो अनार की कलम लेकर भोजपत्र पर अष्टगंध से यंत्र बनाना चाहिए। अगर आपके पास ये सब भी न हो तो आप सादे कागज पर लाल रंग की स्याही से या लाल पेन से यंत्र बना सकते हैं। इस प्रकार यंत्र तैयार करने के बाद उसकी प्राण प्रतिष्ठा करनी चाहिए और उसे उचित स्थान पर स्थापित करके उस पर देवी मां का स्मरण करना चाहिए। इसके बाद आप इस यंत्र को अपने घर में किसी सुरक्षित स्थान पर रख सकते हैं या फिर ताबीज में भरवाकर अपने गले में पहन सकते हैं। इस यंत्र के प्रभाव से आपके सुख-सौभाग्य में निश्चित ही बढ़ोतरी होगी।