1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. Chanakya Niti: दूसरों के सामने बार-बार ना करें इसका जिक्र, आप पर भी पड़ सकता है भारी

Chanakya Niti: दूसरों के सामने बार-बार ना करें इसका जिक्र, आप पर भी पड़ सकता है भारी

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jul 29, 2021 06:06 am IST,  Updated : Jul 29, 2021 06:06 am IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti-चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti-चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार हमेशा दुख का रोना नहीं रोना चाहिए इस पर आधारित है।

Chanakya Niti: कठिन समय में मनुष्य ना छोड़े अपने लक्ष्य को, वरना हमेशा होगा पछतावा

'जो व्यक्ति हर पल दुख का रोना रोता है उसके द्वार पर खड़ा सुख भी बाहर से ही लौट जाता है।' आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य को बार-बार अपने दुख का रोना नहीं चाहिए। ऐसा करके एक तो आप अपने आप को और परेशानी में डालते हैं। इसके साथ ही आप खुशियों को भी घर पर आने से रोक देते हैं। 

जैसा कि आप जानते हैं कि अगर जीवन में दुख आया है तो खुशी भी आएगी। कोई भी चीज लंबे वक्त के लिए नहीं टिकती। जब भी लाइफ में दुख आता है तो लोग ज्यादातर उसी का रोना सबके सामने रोने लगते हैं। यानी कि आप पर दुख है ये सबको जाहिर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में आपको ये समझना होगा कि किसी से भी अपना दुख रोने से आपका दुख कम नहीं हो जाएगा। हां, इतना जरूर है कि अगर आपके दिल के कोई करीबी है तो आपका अपने दिल की बात कहने पर दिल हल्का जरूर हो जाएगा। लेकिन अगर आप हर बार घर में आए हुए व्यक्ति या अपने से जुड़े किसी व्यक्ति को दुख का रोना रोएंगे तो आप मजाक का पात्र बन सकते हैं।  

अगर दुश्मन को देना चाहते हैं ऐसी सजा कि जिंदगी भर वो रखे याद तो हमेशा रहें खुश

यहां तक कि अगर आपके घर में खुशियां भी आनी होंगी तो आपकी इस आदत की वजह से वो आपका घर भूल सकती है। इसलिए जब भी दुख आए तो उसे हर एक के सामने रोना ना रोएं। मुसीबतों का डटकर सामना करें। ऐसा करने वाला व्यक्ति कभी भी जिंदगी में हार नहीं मान सकता। इसके साथ ही आपको ये बात जाननी चाहिए कि दुख आया तो सुख भी जरूर आएगा। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि जो व्यक्ति हर पल दुख का रोना रोता है उसके द्वार पर खड़ा सुख भी बाहर से ही लौट जाता है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल