1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. लाइफस्टाइल
  4. जीवन मंत्र
  5. श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने की थी इस सूर्य मंदिर की स्थापना, जानें बिहार के अन्य सूर्य मंदिरों के बारे में

Chhath Puja 2021: श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने की थी इस सूर्य मंदिर की स्थापना, जानिए बिहार के अन्य सूर्य मंदिरों के बारे में

छठ महापर्व के मौके पर जानिए बिहार में स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों के बारे में।

India TV Lifestyle Desk Written by: India TV Lifestyle Desk
Updated on: November 09, 2021 17:10 IST
Surya Temple- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/ BIHAR_HOTSPOT/AUNGARI_DHAM/ Surya Temple

बिहार में इस वक्‍त छठ महापर्व की धूम है और यहां चारों ओर सजे-धजे घाट व मंदिर इस त्‍योहार की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं। छठ में मुख्य रूप से भगवान सूर्य की उपासना का जाती है। आपको बता दें कि भगवान सूर्य के कई मंदिर बिहार में स्थिति है। जानिए छठ के मौके पर कुछ खास मंदिरों के बारे में। 

पुण्यार्क सूर्य मंदिर 

पटना जिले के पंडारक में स्थित पुण्यार्क मंदिर अति पवित्र स्थल है। यह एकमात्र सूर्य मंदिर है जो गंगा के तट पर स्थापित है। छठ पर यहां दूर- दूर से हजारों भक्त पहुंचते हैं। मान्यता है कि पुण्यार्क मंदिर में छठ पूजा करने से चर्म रोग दूर होता है।

मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने की थी। ऐसा उन्होंने एक शाप से छुटकारा पाने के लिए किया था। 

Chhath Puja 2021: छठ पूजा के दौरान बिल्कुल भी न करें ये गलतियां, पड़ेगा बुरा असर

औंगारी सूर्य मंदिर
ये मंदिर बिहार के नालंदा में औंगारी नामक स्थान पर बना हुआ है। माना जाता है कि इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण ईसापूर्व तीसरी शताब्दी  में करवाया गया था। 

एक प्रसिद्ध तालाब के तट पर बना ये मंदिर बिहार की संस्कृति और कला का परिचायक है। इस मंदिर की खासियत ये हैं कि यहां अपनी मांगी गयी इच्छा पूरी होने की आशा में श्रद्धालु एक विशेष मुद्रा में सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं। छठ पूजा के मौके पर यहां दूर दूर से लोग सूर्य भगवान को अर्घ्य देने पहुंचते हैं। 

देव सूर्य मंदिर 
यह मंदिर बिहार के औरंगाबाद जिले में देव नामक स्थान पर बना हुआ है। यह सूर्य मंदिर पश्चिमाभिमुख है, जिसे पत्थरों को काटकर बेहतरी शिल्पकला के माध्यम से बनाया गया है। 
 
कहा जाता है कि ये मंदिर द्वापर कालीन है जिसे भगवान कृष्ण के पुत्र साम्ब ने बनवाया था। ऐसा भी कहा जाता है कि इस  स्थान पर देव माता अदिति ने तेजस्वी संतान की प्राप्ति के लिए यहां तप किया था।

आमतौर पर प्रतिदिन यहां श्रद्धालुओं का आना जाता लगा रहता है लेकिन छठ के मौके पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। 

erussia-ukraine-news