1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. नरक चतुर्दशी के ही दिन हुआ था महावीर हनुमान का जन्म

नरक चतुर्दशी के ही दिन हुआ था महावीर हनुमान का जन्म

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Oct 30, 2015 08:24 pm IST,  Updated : Oct 31, 2015 07:40 am IST

नई दिल्ली: हनुमान जा को भगवान श्री राम का अभिन्न अंग माना जाता है। माना जाता है कि पवनपुत्र हनुमान का सिर्फ स्मरण मात्र से वह अपने भक्त को दर्शन दे देते है, लेकिन दर्शन

india TVहनुमान जी माता अंजना जो एक स्वर्ग लोक की अप्सरा थी। उनका विवाह केसरि के साथ हुआ। अंजना और केसरि पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान शिव की तपस्या की। जिसके कारण शिव दोनों पर प्रसन्न हुए और हनुमान के रुप में उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। जो आगें चलकर रामायण में रावण के वध में सुत्रधार बनें।

पवनपुत्र हनुमान ही एक ऐसे हनुमान है जो आज भी साक्षात् रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते है। इसी का उल्लेख महान संत कवि तुलसी दास जी ने अपनी रचना में किया। तुलसी दास एक ऐसे कवि थे जिन्हें श्री राम और लक्ष्मण के साक्षात दर्शन हुए थे। और उनकी सहायता स्वयं हनुमान जी ने की थी। इसके अनुसार 16वी सदी के महान संत कवि तुलसीदास जी को हनुमान की कृपा से राम जी के दर्शन प्राप्त हुए।

महाभारत में भी हनुमान जी ने युद्ध के समय अर्जुन की सहायता की था। त्रेतायुग में महाभारत युद्ध से पहले पाण्डव पुत्र भीम से हुई थी। भीम की विनती पर युद्ध के समय हनुमान जी ने पाण्डवों की सहायता करने का आश्वासन दिया था। माना जाता है कि महाभारत युद्ध के समय अर्जुन के रथ का ध्वज थाम कर महावीर हनुमान बैठे थे। इसी कारण तीखे वाणों से भी अर्जुन का रथ पीछे नहीं होता था और संपूर्ण युद्ध के दौरान अर्जुन के रथ का ध्वज लहराता रहा।  

ये भी पढ़े-  दीपावाली पर इस शुभ मुहूर्त में करें लक्ष्मी पूजा

अगली स्लाइड में पढें इस बारें में तुलसी दास ने क्या लिखा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल