अगर बेटी का यह पहला करवा चौथ है तो इसके साथ उसे करवा चौथ में पूजने से संबंधित समान जैसे कि करवा, थाली, छलनी आदि भी दी जाती है।
सास अपनी बहू के दे सरगी
करवा चौथ के व्रत पर सरगी का सबसे अधिक महत्व है। इसके बिना तो व्रत की शुरुआत नही होती है। यह सरगी सास अपनी बहू को देती है। जो व्रत शुरू होने से पहले दी जाती है। इस सरगी में कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान होता है। इस सरगी को बहू करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास खाती है। इसके साथ ही उनके व्रत शुरू हो जाता है। महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रृद्धा के साथ रखती है और शाम को जब चांद निकलता है असके बाद ही अपना व्रत खोलती है।
सुहागन पहनें लाल कलर के कपड़े
इस दिन महिलाओं का यह व्रत उनके पति से जुडा हिआ होता है। इसी कारण आज के दिन महिलाओं को लाल रंग के कपडें पहनना चाहिए। आप चाहे तो इस दिन अपनी शादी का लहंगा या फिर और कोई लाल रंग का लहंगा या फिर साड़ी पहन सकती है। लाल रंग पहनने का कारण है कि इसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। साथ ही यह प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कोशिश करें कि आप इसी रंग के कपड़े पहने।
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