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कामिका एकादशी के दिन व्रत करने से मिट जाते हैं सारे पाप, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Aug 06, 2018 02:14 pm IST,  Updated : Aug 07, 2018 06:20 am IST

शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति सावन के महीने में भगवान नारायण की पूजा करने से सभी देवता, गन्धर्वो और नागों की पूजा हो जाती है। कामिका एकादशी का व्रत करने वाले के सारे बिगड़े काम बन जाते है। जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत कथा।

Kamika Ekadashi- India TV Hindi
Kamika Ekadashi

धर्म डेस्क: 7 अगस्त 2018 यानी कि आज कामिका एकादशी है। साल में 24 एकादशी पड़ती है। जिसमें सावन में पड़ने वाली एकादशी का सबसे अधिक महत्व माना जाता है।  सावन जैसे पवित्र माह में पड़ने वाली एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसे बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है। इस व्रत के बारें में खुद भगवान कृष्ण ने युधिष्टिर से बताया है। इस व्रत को करने से हर पाप से मुक्त मिल जाती है। इस बार कामिका एकादशी 7 अगस्त 2018, मंगलवार को पड़ रही है।

शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति सावन के महीने में भगवान नारायण की पूजा करने से सभी देवता, गन्धर्वो और नागों की पूजा हो जाती है। कामिका एकादशी का व्रत करने वाले के सारे बिगड़े काम बन जाते है।

सावन माह की एकादशी का अधिक महत्व क्यों

भगवान विष्णु के आराध्य भगवान शिव हैं और भगवान शिव के आराध्य भगवान विष्णु हैं। सावन माह में एकादशी का आना एक बेहद विशेष संयोग है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो मनुष्य सावन मास में भगवान नारायण का पूजन करते हैं, उनसे देवता, गंधर्व और सूर्य आदि सब पूजित हो जाते हैं। अत: पापों से डरने वाले मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत और विष्णु भगवान का पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है। इसका व्रत रखने वाले को कभी भी कुयोनि प्राप्त नहीं होती।

कामिका एकादशी 2018 का शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारंभ- 07:52 बजे से (7 अगस्त 2018)

एकादशी तिथि समाप्त- 05:15 बजे (8 अगस्त 2018)
पारण समय- 13:45 से 16:24 (8 अगस्त 2018)

Kamika Ekadashi
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ऐसे करें कामिका एकादशी के दिन पूजा

शास्त्रों में एकादशी के दिन व्रत रखने की परंपरा है। अतः जो लोग व्रत रखना चाहते हैं, वे आज के दिन सुबह स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें और विधि-पूर्वक भगवान की पूजा करें। जो लोग व्रत नहीं भी रख रहे हैं, उन्हें भी अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिये आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा जरूर करनी चाहिए। इसके लिये सबसे पहले तुलसी दलों से भगवान की पूजा करनी चाहिए। फिर चन्दन का टीका लगाना चाहिए और कोई एक मौसमी फल भगवान को अर्पित करना चाहिए। जैसे इस समय आम का सीजन है, तो आप श्री विष्णु को आम का फल अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद भगवान के आगे घी का दीपक जलाकर आरती करें। (Sawan 2018: सावन में भूलकर भी न करें ये 10 काम, होगा नुकसान ही नुकसान )

आज के दिन इस प्रकार श्री विष्णु की पूजा करने से आपकी जो भी इच्छा होगी, वह जरूर पूरी होगी। इसके साथ ही अगर संभव हो तो पूजा आदि के बाद किसी ब्राह्मण को भोजन जरूर कराना चाहिए और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए। इससे आपकी दिन-दुगनी, रात-चौगनी तरक्की होगी।

कामिका एकादशी व्रत कथा

इस कथा की शुरुआत युधिष्ठिर के भगवान कृष्‍ण से यह पूछने पर होती है कि हे प्रभु श्रावण के कृष्ण पक्ष में कौन सी एकादशी होती है। उसके बारे में बताएं और कथा सुनाएं। इस पर कृष्ण ने कहा, राजन सुनों मैं तुम्हें कथा सुनाता हूं।

एक शहर में एक ठाकुर और ब्राह्मण रहते थे। दोनों एक दूसरे से लड़ते थे। इस वजह से ठाकुर ने ब्राह्मण को मार डाला। इस पर नाराज ब्राह्मणों ने ठाकुर के घर खाना खाने से मना कर दिया। ऐसे में ठाकुर अकेला पड़ गया और वह खुद को दोषी मानने लगा। (सावन में महामृत्युंजय मंत्र करते समय न करें ये गलतियां, भगवान शिव हो जाएंगे रुष्ट)

ठाकुर को अपनी गलती महसूस हुई और उसने एक मुनी से अपने पापों का निवारण करने का तरीका पूजा। इस पर, मुनी ने उन्हें कमिका एकदशी का उपवास करने के लिए कहा।

ठाकुर ने व्रत करना शुरू कर दिया। एक दिन कामिका एकादशी के दिन ठाकुर ने सोते हुए एक सपना देखा, भगवान ने उसे बताया, तुम सभी पापों से मुक्‍त हो चुके हो। इसलिए, इस एकादशी का व्रत को रखने से मन की नकारात्मकता नष्ट होती है और मन तथा हृदय में प्रकाश फैलता है।

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