1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. हर काम में पाना है सफलता, तो रविवार को ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा

हर काम में पाना है सफलता, तो रविवार को ऐसे करें मां दुर्गा की पूजा

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Apr 01, 2017 06:34 pm IST,  Updated : Apr 01, 2017 06:34 pm IST

आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को जन्म लेकर शुक्ल सप्तमी, अष्टमी तथा नवमी तक तीन दिन उन्होनें कात्यायन ऋषि की पूजा को ग्रहण कर मां ने दशमी के दिन महिषासुर की वध किया। मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी मानी गई हैं। शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों...

succes - India TV Hindi
succes

धर्म डेस्क: चैत्र नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे अवतार कत्यायनी देवी की पूजा होती है। पुराणों के अनुसार मां दुर्गा ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया।

ये भी पढ़े

आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को जन्म लेकर शुक्ल सप्तमी, अष्टमी तथा नवमी तक तीन दिन उन्होनें कात्यायन ऋषि की पूजा को ग्रहण कर मां ने दशमी के दिन महिषासुर की वध किया। मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी मानी गई हैं। शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों को माता की अवश्य उपासना करनी चाहिए।

मां कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समाना चमकीला है। चार भुजा बाली मां कात्यायनी सिंह पर सवार हैं। उन्होनें एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल लेकर सुशोभित है। साथ ही दूसरें दोनों हाथों में वरमुद्रा और अभयमुद्रा में हैं। मां कत्यायनी का वाहन सिंह हैं। इनसे जुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है।

पौराणिक कथा के अनुसार एक वन में कत नाम के एक महर्षि थे उनका एक पुत्र था जिसका नाम कात्य रखा गया। इसके बाद कात्य गोत्र में महर्षि कात्यायन ने जन्म लिया। उनकी कोई संतान नहीं थी। मां भगवती को पुत्री के रूप में पाने की इच्छा रखते हुए उन्होंने पराम्बा की कठोर तपस्या की।

महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उन्हें पुत्री का वरदान दिया। कुछ समय बीतने के बाद राक्षस महिषासुर का अत्याचार अत्यधिक बढ़ गया। तब त्रिदेवों के तेज से एक कन्या ने जन्म लिया और महिषासुर का वध किया। कात्य गोत्र में जन्म लेने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ गया।

अगली स्लाइड में पढ़े मां कात्यायनी की पूजा विधि

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल