मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के कलेक्टर मृणाल मीना की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को रिक्वेस्ट भेजकर रुपये की मांग करने मामले में कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी जावेद,पिता कासम मुसलमान को राजस्थान के एक ऐसे क्षेत्र से गिरफ्तार किया है जो साइबर क्राइम के लिए चर्चित है। हालांकि, उसका एक साथी परवेज अभी फरार बताया गया है।
साइबर सेल की मदद से राजस्थान में दबिश
सीएसपी बालाघाट वैशाली कराहलिया ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला विगत 16 सितंबर को सामने आया था, जब एसडीएम बालाघाट ने कलेक्टर मृणाल मीना की फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया था कि इस फर्जी आईडी से लोगों को पैसों के लिए रिक्वेस्ट भेजे जा रहे थे।
पुलिस को जांच में पता चला कि यह रिक्वेस्ट कलेक्टर मीना की पिछली पदस्थापना उज्जैन के कुछ कर्मचारियों सहित अन्य लोगों को भी भेजी गई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया और साइबर सेल की मदद से राजस्थान में दबिश दी गई।
साइबर क्राइम के लिए चर्चित गांव से गिरफ्तारी
सीएसपी कराहलिया ने बताया कि आरोपी जावेद और उसका फरार साथी परवेज राजस्थान के मेवात क्षेत्र के जिला डीग के अंतर्गत आने वाले ग्राम खेड़ा में निवासरत हैं। यह गांव साइबर क्राइम को लेकर चर्चित है, जहां कार्रवाई करना आसान नहीं होता। स्थानीय राजस्थान पुलिस के सहयोग से बालाघाट पुलिस की टीम ने आखिरकार मुख्य आरोपी जावेद को पकड़ने में सफलता हासिल की।
फर्जी सिम का इस्तेमाल किया
आरोपी जावेद से पूछताछ में यह ज्ञात हुआ है कि उसने लोगों को रिक्वेस्ट भेजी थी, लेकिन उसके खाते में अभी तक कोई राशि जमा नहीं हुई है। आरोपी ने धोखाधड़ी के लिए फेक सिम का इस्तेमाल किया था। पुलिस अब जावेद के फरार साथी परवेज की तलाश कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
(रिपोर्ट- शौकत बिसाने)
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