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ट्रेन से लापता अर्चना तिवारी 12 दिन बाद नेपाल बॉर्डर के पास मिली, कैसे वहां तक पहुंची? GRP आज करेगी खुलासा

 Reported By: Anurag Amitabh, Edited By: Mangal Yadav
 Published : Aug 20, 2025 06:55 am IST,  Updated : Aug 20, 2025 07:13 am IST

ट्रेन के एसी कोच से लापता अर्चना तिवारी को 12 दिन बाद यूपी के लखीमपुरी खीरी से नेपाल बॉर्डर के पास बरामद किया गया है। अर्चना सकुशल है और उसे भोपाल ले जाया जा रहा है।

अर्चना तिवारी की फाइल फोटो- India TV Hindi
अर्चना तिवारी की फाइल फोटो Image Source : REPORTER INPUT

भोपालः नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से लापता अर्चना तिवारी 12 दिन के बाद सकुशल बरामद कर ली गई है। भोपाल GRP की टीम ने अर्चना को यूपी के लखीमपुर खीरी में नेपाल बॉर्डर से बरामद की है। वह इंदौर से कटनी जाते समय ट्रेन से लापता हो गई थी। अर्चना तिवारी कैसे नेपाल बॉर्डर पहुंची। इसका खुलासा बुधवार यानी आज भोपाल जीआरपी करेगी। 

ट्रेन के एसी कोच से लापता हो गई थी लापता

जानकारी के मुताबिक 7-8 अगस्त की दरमियानी रात इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में सवार अर्चना तिवारी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। इस सबंध में थाना रानी कमलापति रेलवे स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। तभी से पुलिस उसकी लगातार तफ्तीश कर रही थी। 

एसपी जीआरपी रेलवे का सामने आया बयान

जीआरपी एसपी ने बताया कि पिछले 12 दिन से लगातार हमने मिड घाट के जंगल बघतावा के जंगलों समेत अन्य इलाकों में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया है। साथ साथ ढेरो सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने तलाशे। साइबर टीम भी हमारी इसमें काम कर रही थी। इस पर फाइनली 19 अगस्त को हमें सफलता मिली। उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी नेपाल बॉर्डर के पास से अर्चना तिवारी को बरामद कर लिया गया है। पुलिस टीम अर्चना को लेकर भोपाल रवाना हो गई है जल्दी उसको लाकर बयान दर्ज किए जाएंगे। 

अर्चना तिवारी इंदौर स्टेशन से नर्मदा एक्सप्रेस में हुई थी सवार

इससे पहले अर्चना तिवारी के परिजनों ने दावा किया था कि अर्चना ने उन्हें फोन किया था। परिजनों ने बताया था कि वह जहां भी है सकुशल है। सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी का टिकट ग्वालियर के एक कांस्टेबल ने किया था। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जांच में पता चला कि कांस्टेबल राम तोमर ने अर्चना तिवारी का इंदौर से ग्वालियर का टिकट बुक किया था। गौरतलब है कि तिवारी 8 अगस्त को इंदौर स्टेशन से नर्मदा एक्सप्रेस में सवार होने के बाद लापता हो गई थीं। वह रक्षाबंधन के लिए कटनी में अपने परिवार से मिलने गई थी लेकिन वह गायब हो गई थी। अर्चना की पुलिस कांस्टेबल से फोन पर बात होती थी। 

अर्चना का बैग उमरिया रेलवे स्टेशन पर मिला था

मीडिया से बात करते हुए, कांस्टेबल राम तोमर ने कहा कि उन्होंने अर्चना तिवारी को कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं देखा। उन्होंने केवल उनसे फोन पर बात की है। अर्चना के लापता होने से उनका कोई लेना-देना नहीं है, हालांकि उन्होंने टिकट ज़रूर बुक किए थे। अर्चना तिवारी का फोन आखिरी बार भोपाल स्टेशन पर मिला था, जब उन्होंने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उमरिया रेलवे स्टेशन पर मिले उनके लावारिस बैग ने रहस्य को और गहरा कर दिया था।

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