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एमपी में सार्थक ऐप बना बेईमानी का औजार, डॉक्टरों की फर्जी हाजिरी पर बड़ा खुलासा! कटी 13 डॉक्टरों की सैलरी और 25 को नोटिस

 Reported By: Anurag Amitabh, Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Dec 26, 2025 03:53 pm IST,  Updated : Dec 26, 2025 04:00 pm IST

मध्य प्रदेश में गरीबों के इलाज के नाम पर घिनौना मजाक हो रहा है। यहां डॉक्टरों ने फर्जी तरीके से हाजिरी लगाई और क्लीनिक से गायब रहे। कोई 500 किलोमीटर दूर से हाजिरी लगाता पाया गया तो कोई दूसरों से हाजिरी लगवाता रहा।

Sanjeevani Clinic attendance scam- India TV Hindi
संजीवनी क्लीनिक के डॉक्टरों की सार्थक ऐप के जरिए फर्जी हाजिरी पर बड़ा खुलासा। Image Source : REPORTERS INPUT

भोपाल: एमपी का स्वास्थ्य विभाग जहां कभी अस्पतालों में चूहे मासूम नवजातों की जान ले लेते हैं, कहीं बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिया जाता है, कहीं जहरीली दवाओं से मासूमों की मौत हो जाती है और अब, साल 2025 के आखिरी दिनों में एक और शर्मनाक सच सामने आया है। इस बार सवाल इलाज की सुविधा का नहीं, बल्कि डॉक्टरों की मौजूदगी का है। राजधानी भोपाल के मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, जो गरीबों के लिए संजीवनी बनने थे, वे अब फर्जी हाजिरी का अड्डा बनते जा रहे हैं। डॉक्टर डिजिटल अटेंडेंस ऐप में ड्यूटी पर दिखाई देते हैं लेकिन हकीकत में क्लीनिक से गायब रहते हैं। कोई 500 किलोमीटर दूर बैठकर हाजिरी लगा रहा था, तो कोई दूसरों से अपनी अटेंडेंस लगवा रहा था। मामला सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन जांच करके कार्रवाई कर रहे हैं। देखिए INDIA TV की इस फर्जीवाड़े पर स्पेशल रिपोर्ट।

सार्थक ऐप के जरिए अटेंडेंस में फर्जीवाड़ा

भोपाल... जहां मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक जो गरीब और जरूरतमंदों के लिए संजीवनी बनने थे, वहीं अब इन्हीं क्लीनिकों में भरोसे के साथ बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। सार्थक ऐप के जरिए हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था को कुछ डॉक्टरों ने फर्जीवाड़े का जरिया बना लिया। सीएमएचओ कार्यालय की नियमित समीक्षा में जब डाटा खंगाला गया तो सिस्टम में छेद ही नहीं, पूरे सिस्टम की पोल खुल गई। सार्थक ऐप के जरिए चल रहे इस फर्जीवाड़े ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। जांच के बाद 30 डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई करते हुए 7 दिन से लेकर एक महीने तक का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं।

डॉक्टर ने 500 KM दूर से लगाई अटेंडेंस

जांच में सबसे हैरान करने वाला मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक से सामने आया जहां पदस्थ डॉ. संजीव सिंह की अटेंडेंस क्लीनिक से लगभग 500 किलोमीटर दूर से लगी थी. सिर्फ यही नहीं, उनकी रोज की अटेंडेंस भी क्लीनिक से 11-12 किलोमीटर दूर से लग रही थी जिसका सीधा मतलब है कि कई मौकों पर डॉक्टर क्लीनिक आ ही नहीं रहे थे लेकिन रोस्टर में वो रोज ड्यूटी पर आ रहे थे। इंडिया टीवी के सामने उन्होंने माना कि 500 किलोमीटर दूर रहते हुए अटेंडेंस लगाई। यही नहीं, उन्होंने यह भी माना कि भोपाल से 11 किलोमीटर दूर बैरागढ़ में रहने के चलते वह वहीं से अटेंडेंस लगा रहे थे।

फर्जी तरीके से कैसे लगाते थे हाजिरी?

दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने सार्थक ऐप के जरिए डॉक्टरों की हाजिरी लेने का तरीका बनाया है। लेकिन इंडिया टीवी को डॉक्टर ने ही बताया कि अपग्रेड होने से पहले सार्थक ऐप में दूर रहने के बाद भी किसी को अपनी नियुक्ति की जगह पर मोबाइल में ओटीपी देने से अटेंडेंस लॉक हो जाती थी, इसी तरीके से मोबाइल पर किसी भी फोटो से सामने वाले की अटेंडेंस लग जाती थी। लेकिन सरकार के इस बेहद महत्वपूर्ण ऐप की धज्जियां उड़ाईं भोपाल के डॉक्टर मिनहाज ने, जिनकी हाजिरी रजिस्टर में उनके चेहरे के अलावा एक बच्चे का और एक युवती का चेहरा दिखाई दिया यानी बाग मुगलिया संजीवनी क्लीनिक में हाजिरी देने की जगह डॉक्टर मिनहाज अलग-अलग चेहरों से अपनी अटेंडेंस लगा रहे थे। इंडिया टीवी को भोपाल के CMHO ने इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी।

Sanjeevani Clinic doctors
Image Source : REPORTERS INPUTहाजिरी घोटाला मामले में इन डॉक्टरों पर एक्शन हुआ है।

2025 में स्वास्थ्य विभाग की क्या बड़ी शिकायतें आईं?

आपको बता दें मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उनके ही इलाके में इलाज देने के लिए शुरू किया गया था लेकिन इस तरह डॉक्टर गायब रहेंगे तो आम जनता का इलाज कौन करेगा? वैसे भी साल 2025, एमपी स्वास्थ्य विभाग के लिए बहुत अच्छा नहीं बीता है।

  • इंदौर में चूहों ने 2 नवजात को कुतर दिया जिससे उनकी मौत हो गई।
  • जबलपुर और सतना में चूहों की धमाचौकड़ी ने मरीजों और उनके परिजनों को परेशान कर दिया।
  • सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिया गया।
  • छिंदवाड़ा और बैतूल में जहरीले कफ सिरप से 22 से ज्यादा बच्चों की मौत भी इसी साल हुई।

विपक्ष ने हाजिरी घोटाले पर सरकार को घेरा

और अब भोपाल में डॉक्टरों के हाजिरी घोटाले ने विपक्ष को एक बड़ा मौका दे दिया सरकार को घेरने का। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगा है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम मामलों की तरह सरकार की भद पीटने के बाद अब सरकार जांच करके कार्रवाई करने और सिस्टम को दुरुस्त करने की बात कर रही है।

जब डॉक्टर कागजों में मौजूद हों और मरीज हकीकत में तड़पता रहे, तो यह लापरवाही नहीं इलाज के नाम पर बेहद बेरहम धोखा है। इलाज की उम्मीद लेकर आया मरीज अगर खाली हाथ लौटे, तो समझिए सिस्टम फेल हो चुका है। अब देखना यह है कि क्या कार्रवाई तमाम दावों के बाद होगी या यूं ही चूहे नवजातों को कुतरते रहेंगे, मासूम जहरीला कफ सिरप पीते रहेंगे और मरीज, फर्जी अटेंडेंस से क्लीनिक आने वाले डॉक्टरों का अस्पताल में इंतजार करते-करते थक जाएंगे।

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