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पोते ने की पत्नी की हत्या फिर लगाई फांसी, अंतिम संस्कार के बाद जलती चिता में लेट गए दादा, सुबह मिला अधजला शव

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 08, 2025 05:37 pm IST,  Updated : Mar 08, 2025 05:37 pm IST

परिवार में एक दिन के अंदर तीन लोगों की मौत से परिजन टूट गए हैं। पहले घर के बड़े बेटे और बहू की मौत हो गई। इसके बाद दादा ने भी जलती चिता पर लेटकर आत्महत्या कर ली।

Family- India TV Hindi
तीन मौतों के बाद शोक में डूबा परिवार Image Source : INDIA TV

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। अहम बात यह है कि सबकी मौत अलग-अलग तरीके से हुई। पहले घर के बड़े बेटे ने कुल्हाड़ी से काटकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर दी। इन दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद मृतक के दादा जाकर उसकी चिता पर लेट गए और अगली सुबह परिजनों को उनका अधजला शव मिला। एक साथ परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजन पूरी तरह टूट गए हैं।

मामला सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र के सिहोलिया गांव का है। यहां पति-पत्नी की दर्दनाक मौत के बाद मृतक अभय राज यादव के बाबा, रामावतार यादव (65 वर्ष) ने शुक्रवार रात जलती चिता में कूदकर आत्महत्या कर ली। 

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के अनुसार, अभय राज यादव ने पत्नी सविता यादव की कुल्हाड़ी से हत्या की और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद पूरा परिवार सदमे में था। शुक्रवार रात जब दोनों के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी और चिता जल रही थी, तभी रात करीब 9 बजे रामावतार यादव अचानक चिता की ओर दौड़े और खुद को आग में झोंक दिया। जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। 

परिजन क्या बोले?

मृतक रामावतार यादव के नाती अवधेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया "मेरे बड़े भाई अभय राज यादव को मेरे दादाजी बहुत मानते थे और वह उन्हीं के साथ रहते थे। कोई काम भी होता था तो पैसे उन्हीं को देकर उनसे काम करवाते थे। कल जब भाई की मौत हुई तब दाह संस्कार देने के लिए हम सब लोग जा रहे थे पर दादाजी ने वहां जाने से मना कर दिया। कहा- मुझे यह सब नहीं देखा जाएगा। लेकिन न जाने रात में क्या हुआ कि अचानक रात में वह कहीं चले गए जब हम सब सुबह देखे तब उनका कहीं पता नहीं चला। 

पोते ने बताया "हम सब घर के लोगों ने पहले आसपास के कुएं में देखा फिर आसपास के क्षेत्र में जाकर पूछताछ की जब कहीं नहीं मिले तब भाई के चिता के पास गए तब बाबा जी वहां लेटे हुए थे। जलने की वजह से उनकी मौत हो गई थी। जिसकी सूचना हमने थाना प्रभारी को सुबह 9 बजे दी।"

तीन मौतों की गहनता से जांच कर रही पुलिस

गांव के लोगों का कहना है कि रामावतार यादव अपने पोते और बहू की मौत के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए। उनके लिए यह त्रासदी असहनीय थी। परिवार के तीन लोगों की मौत से सिहोलिया गांव शोक में डूबा हुआ है। बहरी थाना पुलिस ने रामावतार यादव के शव को भी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब तीनों मौतों की गहन जांच कर रही है और हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीण अब उन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं, जो इस हादसे के बाद पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

(सीधी से मनोज शुक्ला की रिपोर्ट)

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