महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी टूटने के बाद सियासी हलचल आज फिर तेज हो गई है। एक तरफ उद्धव ठाकरे आज अपनी पार्टी शिवसेना (UBT) के विधायकों के साथ बैठक करने वाले हैं। वहीं, उनके सभी 6 बागी सांसद आज शिंदे गुट में औपचारिक तौर पर एंट्री ले सकते हैं।
दोपहर 3 बजे शिंदे ग्रुप ज्वॉइन करेंगे 6 बागी सांसद
शिवसेना में शामिल होने से पहले बागी सांसद अब से थोड़ी देर में लोकसभा स्पीकर के साथ हुई अपनी मुलाकात की तस्वीरें और उन्हें लिखी चिट्ठी जारी कर सकते हैं। ये सांसद आज दोपहर 3 बजे शिवसेना में एंट्री करने वाले हैं। इसके बाद शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। उधर, शिंदे सेना ने दावा किया है कि उद्धव के 20 में से 16 विधायक हमारे संपर्क में है जिसके बाद आज की बैठक पर सबकी नजर है।
ऑपरेशन टाइगर पर प्रताप सरनाईक ने क्या दावा किया?
वहीं, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान 365 दिन चलता रहता है और इसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद आज दोपहर 3 बजे मुंबई स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर में शिवसेना में प्रवेश करेंगे। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन टाइगर के तहत 6 सांसद उनके साथ आ चुके हैं, जबकि अन्य सांसदों के आने का भी इंतजार किया जा रहा है। वहीं, विधायकों को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन “ऑपरेशन टाइगर” सफल रहा है।
बगावत से बिल्कुल भी निराश नहीं हूं- उद्धव
इस बीच उद्धव ठाकरे बागियों के खिलाफ मैदान में उतरने जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे 27 से 29 जून तक बागी सांसदों के संसदीय क्षेत्र का दौरा करेंगे और वहां के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इसी के तहत मुंबई के भांडुप में बागी सांसद संजय दीना पाटिल के गढ़ में रैली की। इस दौरान उद्धव ने कहा कि जनता ने पाला बदलने वाले सांसदों को शिवसेना और मशाल चुनाव चिह्न देखकर चुना था। उन्हें उम्मीदवार बनाना गलती थी और उसके लिए वो सबसे माफी मांगते हैं।
6 सांसदों के बगावती रुख के बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं बिल्कुल निराश नहीं हूं। भाजपा अपने घर की चिंता करे।
ऑपरेशन टाइगर सक्सेसफुल- एकनाथ शिंदे
इस बीच ऑपरेशन टाइगर को लेकर शिवसेना चीफ और महाराष्ट्र डिप्टी सीएम एकनाथ शिंद का बड़ा बयान भी सामने आया है। शिंदे ने कहा कि जल्द ही ब्रेकिंग न्यूज मिलेगी क्योंकि वो कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते। बता दें कि इस समय महाराष्ट्र की सियासत चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस सियासी बदलाव के बीच उद्धव ठाकरे मजबूर नजर आ रहे हैं। ये शिवसेना यूबीटी का बुरा दौर चल रहा है। अब देखना ये है कि उद्धव कैसे इस सियासी भंवर से पार हो पाएंगे।
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