नागपुर जिले की पुलिस ने एक इंस्टाग्राम यूजर को आर्टिफीशिएल इंटेलीजेंस (AI) की मदद से तैयार वीडियो को लेकर नोटिस जारी किया है, जिसमें एक व्यक्ति बाघ को शराब पिला रहा है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि इस क्लिप से गलत संदेश गया है और इससे वन्यजीव अभयारण्य की छवि को नुकसान हो सकता है, जहां इसे शूट किए जाने का दावा किया गया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई छह सेकंड की इस क्लिप में नशे में धुत एक व्यक्ति एक बाघ को शराब पिला रहा है और खाली पड़ी गांव की सड़क पर उसे थपथपा रहा है। कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि यह वीडियो मध्य प्रदेश में शूट किया गया था और बाघ, पेंच टाइगर रिजर्व से भटक गया था। 52 वर्षीय एक शराबी मजदूर ने उसे एक विशाल बिल्ली समझ लिया था।
अधिकारी ने बताया कि नागपुर ग्रामीण पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया, क्योंकि यह रील पेंच टाइगर रिजर्व से जुड़ी हुई थी। पुलिस के अनुसार, यह रील 30 अक्टूबर को पोस्ट की गई थी और सत्यापन के बाद पता चला कि यह क्लिप आर्टिफीशिएल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करके बनाई गई थी।
पुलिस ने एक विज्ञप्ति में कहा, 'रील ने गलत संदेश दिया और बाघ अभयारण्य की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पर्यटकों में भी भ्रम पैदा हो सकता है। यह जंगली जानवरों के खिलाफ एक भ्रामक कार्रवाई को भी दर्शाता है।'
अधिकारी ने बताया कि नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर हर्ष पोद्दार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 68 के तहत मुंबई के एक इंस्टाग्राम अकाउंट धारक को नोटिस जारी किया है। वीडियो को इंस्टाग्राम से हटा दिया गया है।
नागपुर ग्रामीण पुलिस ने नागरिकों से ऐसी फर्जी सामग्री साझा न करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि वन्यजीव अभयारण्यों को बदनाम करने वाले या गलत सूचना फैलाने वाले रील बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। (भाषा के इनपुट के साथ)
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