मुंबई: महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सस्पेंस के बीच एकनाथ शिंदे आज अचानक मुंबई से अपने होम डिस्ट्रिक्ट सतारा चले गए। अगले दो दिन वो अपने पैतृक गांव में रहेंगे। वे रविवार की शाम मुंबई वापस लौटेंगे। सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे नाराज हैं इसलिए मुंबई गए हैं। सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम के साथ होम मिनिस्ट्री भी अपने साथ रखना चाहते हैं लेकिन उन्हें होम मिनिस्ट्री नहीं मिल रही है, इसलिए वे नाराज हैं।
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रविवार की रात 8 बजे महायुति की बैठक
हालांकि शिंदे के सतारा से मुंबई लौटने के बाद रविवार की रात 8 बजे महायुति की बैठक हो सकती है। इस मीटिंग में मंत्रालयों के बंटवारे पर फाइनल बात होगी। महायुति के सबसे बड़े घटक दल भाजपा के नेताओं ने कहा कि वे विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं शिवसेना नेता उदय सामंत ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि शिंदे नाराज हैं, और इसी वजह से पैतृक गांव के लिए रवाना हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि नयी सरकार का शपथ ग्रहण अगले सप्ताह होने की उम्मीद है।
दिल्ली में अमित शाह से मिले शिंदे
इससे पहले शिंदे ने बृहस्पतिवार रात नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि सरकार गठन के सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के साथ बातचीत सकारात्मक रही और अगले दौर की चर्चा शुक्रवार को मुंबई में होगी। हालांकि, भाजपा सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार को महायुति नेताओं की कोई बैठक निर्धारित नहीं थी। दिल्ली यात्रा के दौरान शिंदे ने शाह से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार के गठन पर चर्चा की थी। राज्य के निवर्तमान मंत्रिमंडल में शिंदे के सहयोगी देवेंद्र फडणवीस (भाजपा) और अजित पवार (राकांपा) ने भी शाह से मुलाकात की थी। शिंदे शुक्रवार सुबह मुंबई लौट आए। वह शाम को पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले में अपने पैतृक गांव दारे के लिए रवाना हो गए।
सरकार गठन में बाधा नहीं बनूंगा-शिंदे
इससे पहले, शिंदे दक्षिण मुंबई में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'वर्षा' में थे, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं व विधायकों समेत कई आगंतुकों से मुलाकात की। शिवसेना नेता शिंदे कई बार कह चुके हैं कि वह सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे और अगले मुख्यमंत्री के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह के फैसले का पालन करेंगे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की प्रचंड जीत के बाद अगली सरकार में शिंदे की जगह को लेकर शिवसेना में अलग-अलग दृष्टिकोण उभर रहे हैं। शिवसेना के कई नेता शिंदे से कह रहे हैं कि अगर भाजपा उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश करे तो वह स्वीकार कर लें। सूत्रों ने कहा कि हालांकि, एक अन्य वर्ग का मानना है कि ढाई साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करना उनके लिए सही नहीं होगा। भाजपा विधायकों को विधायक दल की बैठक के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है, जिसमें वे अपना नेता चुनेंगे। सरकार गठन को लेकर दिल्ली में शाह से मुलाकात के बाद फडणवीस भी शुक्रवार को मुंबई लौट आए। (इनपुट-भाषा)