महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को फसल ऋण माफी पर अपने डिप्टी अजीत पवार की टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने "सरकार का रुख" बताया है। शुक्रवार को पुणे के बारामती में एक कार्यक्रम में बोलते हुए पवार ने कहा था कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति फसल ऋण माफी की अनुमति नहीं देती है और किसानों से इस संबंध में घोषणा की प्रतीक्षा करने के बजाय समय पर किस्तों का भुगतान करने को कहा।
फडणवीस सरकार में वित्त विभाग संभाल रहे पवार ने कहा था कि "कोई बहुत सी बातें कर सकता है, लेकिन वित्तीय वास्तविकता नहीं।" उन्होंने कहा था, "चुनाव घोषणापत्र में फसल ऋण माफी का वादा किया गया था। लेकिन आज मैं किसानों से कहना चाहता हूं कि वे 31 मार्च से पहले अपने फसल ऋण की किस्तों का भुगतान करें।
फसल लोन माफ नहीं करेगी सरकार
अजीत ने कहा कि कुछ किसान यह मानकर अपने ऋण की किस्तों का भुगतान नहीं कर रहे हैं कि सरकार ऋण माफी की घोषणा करेगी। उपमुख्यमंत्री ने बारामती में कहा था कि राज्य सरकार सही समय पर निर्णय लेगी। उन्होंने दोहराया कि मौजूदा वित्तीय स्थिति फसल ऋण माफी की अनुमति नहीं देती है। इन टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि पवार ने सरकार की स्थिति बता दी है। फडणवीस ने कहा, "उन्होंने कभी नहीं कहा कि यह (फसल ऋण माफी) कभी नहीं किया जाएगा।"
सभी वादे पूरे करेगी सरकार
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे में संवाददाताओं से कहा कि सरकार चुनाव घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। शिवसेना प्रमुख शिंदे ने पवार की टिप्पणी पर टिप्पणी करने के लिए पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, "हमने घोषणापत्र में जो भी वादे किए हैं, हम उन्हें पूरा करेंगे। हर वादा पूरा किया जाएगा। हम इसे मुद्रण की गलती नहीं कहेंगे।"