1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. वेब सीरीज ‘‘स्कूप’’ के खिलाफ कोर्ट पहुंचा गैंगस्टर छोटा राजन, मांगा 1 रुपये का हर्जाना; Netflix पर हो रही रिलीज

वेब सीरीज ‘‘स्कूप’’ के खिलाफ कोर्ट पहुंचा गैंगस्टर छोटा राजन, मांगा 1 रुपये का हर्जाना; Netflix पर हो रही रिलीज

 Published : Jun 01, 2023 08:36 pm IST,  Updated : Jun 01, 2023 08:36 pm IST

गैंगस्टर छोटा राजन ने नेटफ्लिक्स पर आने वाली वेव सीरीज स्कूप के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है और कहा कि बिना उसकी सहमति के उसकी छवि का दुरुपयोग किया जा रहा है। उसने इस याचिका में एक रुपये का हर्जाना भी मांगा है।

Gangster Chhota Rajan Scoop- India TV Hindi
गैंगस्टर छोटा राजन ने वेब सीरीज स्कूप के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है Image Source : FILE PHOTO

जेल में बंद गैंगस्टर राजेंद्र निकल्जे उर्फ छोटा राजन ने वेब सीरीज “स्कूप” के खिलाफ गुरुवार को बंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। ये सीरीज 2 जून को ओटीटी मंच ‘नेटफ्लिक्स’ पर रिलीज होने वाली है। छोटा राजन ने कहा है कि ‘‘उसकी पूर्व सहमति के बिना उसकी छवि का दुरुपयोग किया जा रहा है’’ जो मानहानि के साथ-साथ उसके ‘‘निजी अधिकारों’’ के उल्लंघन के बराबर भी है। छोटा राजन वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है। 

एक रुपये क्षतिपूर्ति की रखी मांग 

गैगस्टर ने अदालत से सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने और उसका ट्रेलर हटाने के आदेश का अनुरोध किया है। उसने हंसल मेहता और नेटफ्लिक्स एंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया सहित सीरीज के निर्माताओं को उसके निजी अधिकारों का उल्लंघन करने से रोकने के लिए एक आदेश की भी मांग की। राजन ने साथ ही एक रुपये क्षतिपूर्ति की भी मांग की जिसका भुगतान उसे किया जाए या निर्माताओं द्वारा सीरीज के ट्रेलर के प्रसारण के माध्यम अर्जित धन को "सार्वजनिक भलाई या समाज के उत्थान" के लिए उपयोग लाने के लिए जमा किया जाए। 

छोटा राजन ने याचिका में क्या कहा
राजन ने अपनी याचिका में कहा कि मई 2023 में उसे उसकी पत्नी ने सीरीज के ट्रेलर के बारे में बताया था। याचिका में कहा गया है कि सीरीज के निर्माताओं को कभी भी राजन के नाम और छवि का उपयोग/दुरुपयोग करने, उसे किसी भी आवाज और/या किसी भी कार्यक्रम से जोड़ने की पूर्व अनुमति नहीं थी। याचिका में कहा गया है, ‘‘इसलिए, वादी की पूर्व सहमति प्राप्त किए बिना वादी (राजन) के व्यक्तित्व की विशेषताओं का उपयोग या दुरुपयोग, जिसमें उसका नाम, कैरिकेचर, छवि, और/या कोई अन्य प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष संदर्भ शामिल है, वादी के व्यक्तित्व के अधिकार का उल्लंघन है और साथ ही मानहानि लायक है।’’ बताया जा रहा है कि अब हाई कोर्ट की एक अवकाशकालीन पीठ याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई कर सकती है।

ये भी पढ़ें-

मई के महीने में इस राज्य में हुई ऐसी बारिश, टूट गए पिछले 100 साल के सारे रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ पुलिस ने दबोचे इंटरनेशनल चोर, विदेशों में खा चुके जेल की हवा; पूछताछ में हैरतअंगेज खुलासे
 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।