पुणे के केतन अग्रवाल की हत्या से अभी परिवार उबर नहीं पाया था कि अब उसके दादा की मौत हो गई। केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का शनिवार रात 9.45 बजे निधन हो गया। देवीचंद अग्रवाल 71 साल के थे। दो दिनों से ICU में भर्ती थे। परिजनों ने दावा किया कि पोते की हत्या के बाद उन्हें गहरा मानसिक सदमा लगा था।
केतन के दादा की मौत पर सिया के परिवार का बयान
इस बीच, केतन अग्रवाल की हत्या की आरोपी उसकी मंगेतर सिया गोयल के परिवार की ओर से मैसेज आया है। सिया गोयल के परिवार के अनुसार, देवीचंद अग्रवाल पिछले छह महीनों से पेट के कैंसर (ट्यूमर) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
"सिया गोयल से शादी तय करने का था पछतावा"
केतन के परिवार वालों का दावा है कि पोते की हत्या के बाद उन्हें गहरा मानसिक सदमा लगा था। पोते को खोने से वे बहुत दुखी थे। इस घटना से बुरी तरह हिल गए थे। वे लगातार इसी दुखद घटना के बारे में सोचते रहते थे और इस घटना के बाद परिवार के हालात को लेकर बहुत चिंतित थे। उन्हें केतन की शादी सिया गोयल से तय करने के फैसले पर पछतावा था।केतन के लिए न्याय की मांग को लेकर 27 जून को पुणे में कैंडल लाइट मार्च निकाला गया था। केतन के दादा देवीचंद अग्रवाल ने भी इस मार्च में हिस्सा लिया था। उस समय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपना दुख जाहिर करते हुए कहा, "हमारे अपने ही लोगों ने हमें धोखा दिया। ऐसे लोग जिन्हें हम बरसों से जानते थे।"
लोहागढ़ किले पर हुई थी केतन की हत्या
बता दें कि पुणे के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल (25 वर्ष) की शादी इसी साल नवंबर में सिया गोयल से होने वाली थी। लेकिन 18 जून को पुणे के मशहूर लोहागढ़ किले पर उसकी हत्या हो गई। आरोप है कि सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को किले की एक गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, क्राइम सीन रीक्रिएशन में सिया गोयल ने बताया था कि चेतन चौधरी ने ही केतन अग्रवाल को धक्का दिया था।
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